Loading...

Mega Mock Drill / 15 जून को सिरमौर में होगी जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल, 8 स्थानों पर होगा आपदा पूर्वाभ्यास

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Mega Mock Drill : भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, बादल फटने और वन अग्निकांड जैसी संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए 15 जून को सिरमौर जिले में जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास के तहत जिले के विभिन्न उपमंडलों में आठ चिन्हित स्थलों पर राहत, बचाव, निकासी और समन्वय व्यवस्था का पूर्वाभ्यास किया जाएगा।

नाहन

15 जून को आयोजित होगी जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर द्वारा 15 जून 2026 को जिला स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान संबंधित विभागों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों तथा संस्थाओं की तैयारियों, संसाधनों, समन्वय व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना है। मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।

जिले के आठ स्थलों पर होगा आपदा पूर्वाभ्यास

मेगा मॉक ड्रिल के अंतर्गत सिरमौर जिले के विभिन्न उपमंडलों में कुल आठ स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थलों पर भूकंप, भवन ध्वस्त होने, भूस्खलन, बाढ़, वन अग्निकांड और आगजनी जैसी परिस्थितियों को आधार बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। प्रत्येक स्थल पर अलग-अलग आपदा परिदृश्य तैयार किए गए हैं, ताकि संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और समन्वय क्षमता का परीक्षण किया जा सके।

इन स्थानों को किया गया है चिन्हित

नाहन मुख्यालय स्थित रूचिरा पेपर्स में आगजनी एवं भूकंप से क्षति का परिदृश्य तैयार किया जाएगा। पच्छाद उपमंडल की एसवीएन कॉलोनी सराहां में भवन ध्वस्त होने, राजगढ़ के शिरगुल चौक बाजार में भवन गिरने तथा पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल क्षेत्र में भूस्खलन की स्थिति पर आधारित मॉक ड्रिल आयोजित होगी। इसके अतिरिक्त शिलाई के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टिंबी में बाढ़ एवं भवन क्षति, कफोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सतौन में भवन ध्वस्त होने और आगजनी, संगड़ाह के पुराना तहसील भवन रेणुका जी में भवन गिरने तथा नाहन के बनेठी विश्राम गृह के समीप रात्रिकालीन वन अग्निकांड पर आधारित पूर्वाभ्यास किया जाएगा।

विभिन्न विभाग और एजेंसियां लेंगी भाग

जिला प्रशासन के अनुसार इस अभ्यास में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवाएं, गृह रक्षक, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड, राजस्व विभाग सहित विभिन्न संबद्ध संस्थाएं भाग लेंगी। इसके अलावा आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका का भी परीक्षण किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

राहत, बचाव और संचार व्यवस्था का होगा परीक्षण

मॉक ड्रिल के दौरान खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, राहत शिविर प्रबंधन, संचार प्रणाली की कार्यक्षमता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के अभ्यास आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं तथा संबंधित एजेंसियों को वास्तविक परिस्थितियों के लिए बेहतर रूप से तैयार करते हैं।