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नगरोटा सूरियां के कुनाल जग्गी भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट बने, आईएमए से प्राप्त किया कमीशन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां क्षेत्र के निवासी कुनाल जग्गी भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त हुए हैं। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से कमीशन प्रदान किया गया। सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा के पूर्व छात्र कुनाल ने सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में स्थान प्राप्त किया है। उनकी नियुक्ति को क्षेत्र के युवाओं के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

कांगड़ा

भारतीय सैन्य अकादमी से हुए पास आउट

नगरोटा सूरियां की ग्राम पंचायत बरयाल के निवासी कुनाल जग्गी भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त कर चुके हैं। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय सेना में शामिल किया गया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। पासिंग आउट परेड भारतीय सैन्य अकादमी का महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है, जिसमें प्रशिक्षण पूरा करने वाले जेंटलमैन कैडेट्स को सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है।

सेना में सेवा का लक्ष्य किया प्राप्त

जानकारी के अनुसार कुनाल जग्गी का लक्ष्य प्रारंभ से ही भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा देना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की चयन प्रक्रिया में भाग लिया था, लेकिन मेडिकल कारणों के चलते उनका चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने अपने लक्ष्य को जारी रखते हुए तकनीकी शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया। निर्धारित मानकों को पूरा करने के बाद उन्होंने अधिकारी बनने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। परिवार के अनुसार उन्होंने लगातार तैयारी और प्रशिक्षण के माध्यम से सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य हासिल किया।

मराठा लाइट इन्फैंट्री में मिली नियुक्ति

प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद कुनाल जग्गी को भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट में नियुक्ति मिली है। मराठा लाइट इन्फैंट्री भारतीय सेना की प्रमुख इन्फैंट्री रेजिमेंट्स में शामिल है और इसका सैन्य इतिहास लंबे समय से देश की विभिन्न अभियानों और परिचालन जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान कुनाल ने शारीरिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता, सामरिक प्रशिक्षण और तकनीकी मानकों सहित विभिन्न सैन्य आवश्यकताओं को पूरा किया। नियुक्ति के बाद वह एक अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

सैनिक परिवार से रखते हैं संबंध

कुनाल जग्गी का संबंध एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से है। उनके पिता मनिंदर सिंह भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता वंदना गृहिणी हैं। परिवार का सेना से जुड़ाव होने के कारण उन्हें प्रारंभ से ही सैन्य जीवन और अनुशासन के बारे में जानकारी मिलती रही। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सेना में अधिकारी बनने की दिशा में उन्होंने लगातार प्रयास किए और प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा के छात्र रहे

कुनाल जग्गी ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टीहरा से प्राप्त की है। सैनिक स्कूल देश में रक्षा सेवाओं के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने वाले प्रमुख शिक्षण संस्थानों में गिने जाते हैं। शिक्षा के दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी भाग लिया। विद्यालय में उनके प्रदर्शन को विभिन्न अवसरों पर सराहा गया था तथा उन्हें गोल्डन टॉर्च सम्मान भी प्रदान किया गया था। भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और परिचितों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।