नाहन में 42 बेसहारा पशुओं को मिला सुरक्षित आश्रय, टैग लगे पशु खुले छोड़े तो होगी कार्रवाई
नाहन शहर में बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 42 पशुओं को कोटला बड़ोग गौशाला पहुंचाया गया है। विधायक अजय सोलंकी की पहल पर मंगलवार को 20 पशु गौशाला भेजे गए, जबकि इससे पहले 22 पशुओं को वहां पहुंचाया जा चुका था। टैग लगे पालतू पशु खुले में घूमते मिलने पर उनके मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाहन
मंगलवार को दो बड़ी गाड़ियों और एक पिकअप की सहायता से 20 बेसहारा पशुओं को कोटला बड़ोग गौशाला भेजा गया। गौशाला ले जाने से पहले पशु चिकित्सक ने सभी पशुओं के स्वास्थ्य की जांच की, ताकि उनकी सेहत और देखभाल सुनिश्चित की जा सके। यह प्रक्रिया विधायक अजय सोलंकी की देखरेख में पूरी हुई। इस दौरान एसडीएम नाहन राजीव संख्यान, नगर परिषद अध्यक्ष उपमा धीमान, वार्ड नंबर दो के पार्षद नरेंद्र तोमर, पशु चिकित्सक और नगर परिषद के कर्मचारी मौजूद रहे।
पालतू पशुओं को खुला छोड़ने पर कानूनी कार्रवाई
विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि टैग लगे पालतू पशु खुले में घूमते पाए गए तो संबंधित मालिकों के खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पशुपालकों से अपने पशुओं को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नाहन शहर को बेसहारा पशुओं की समस्या से मुक्त करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है। अभियान का उद्देश्य पशुओं को संरक्षण देने के साथ शहरवासियों को समस्या से राहत दिलाना है।
आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान भी होगा शुरू
नाहन शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए जल्द नसबंदी अभियान भी शुरू करवाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करना और शहरवासियों को उनसे जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाना है। इस कार्य को पशु कल्याण और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ाया जाएगा। विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि नाहन को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के साथ बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।