पिपलीवाला स्कूल में वर्मीकंपोस्ट इकाई स्थापित, छात्राओं को मिला कचरा प्रबंधन प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र-सिरमौर, धौलाकुआं ने पिपलीवाला के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कन्या में वर्मीकंपोस्ट की प्रदर्शन इकाई स्थापित की। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जैविक कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी दी गई। विद्यालय की मिड-डे-मील रसोई से निकलने वाले गीले कचरे का अब इस इकाई के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल तरीके से निपटान कर जैविक खाद तैयार की जा सकेगी।
पांवटा साहिब
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण विषय पर परिचर्चा की गई। इसके बाद स्वच्छता जागरूकता रैली निकालकर लोगों को आसपास सफाई बनाए रखने और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने छात्राओं, अध्यापकों और विद्यालय कर्मचारियों को वर्मीकंपोस्ट इकाई के संचालन तथा रसोई से निकलने वाले गीले कचरे के उचित प्रबंधन का प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया।
जैविक कचरे से तैयार होगी खाद
विद्यालय प्रबंधन मिड-डे-मील रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे के निपटान को लेकर लंबे समय से चिंतित था। परिसर में वर्मीकंपोस्ट इकाई स्थापित होने के बाद इस कचरे का उपयोग जैविक खाद बनाने में किया जा सकेगा। इससे विद्यालय परिसर को स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी और छात्राओं को ‘कचरे से संसाधन’ की अवधारणा को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी मिलेगा।
प्रधानाचार्य रीना पलियाल ने कृषि विज्ञान केंद्र की पहल की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जैविक कचरा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी मिली है। उन्होंने विद्यालय को कार्यक्रम के लिए चुनने पर केंद्र प्रबंधन का आभार जताया। इस अवसर पर अर्पिता मित्तल, रंजना पंत, विनोद शर्मा, भगत राम, कमलेश, चंदा और संजय शर्मा मौजूद रहे।
कृषि विज्ञान केंद्र-सिरमौर की वैज्ञानिक डॉ. शिवाली धीमान के साथ महिमा सिंह और विपुल कौशिक ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा वर्मीकंपोस्ट इकाई से जुड़ा प्रायोगिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। केंद्र की टीम ने विद्यालय समुदाय को इकाई के उपयोग की प्रक्रिया समझाई, ताकि रसोई से निकलने वाले गीले कचरे का नियमित रूप से प्रबंधन किया जा सके और उससे जैविक खाद तैयार हो सके।