वक्फ संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई है। सरकार ने इसे पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद पास कराया। लोकसभा में 12 तो राज्यसभा में 13 घंटे तक विधेयक पर बहस हुई। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के पक्ष में 128 सांसदों और 95 सांसदों ने विपक्ष में मतदान किया।
इसके साथ ही उच्च सदन से मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024’ भी पारित किया गया।संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर पहली प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक का संसद के दोनों सदनों से पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए हमारे सामूहिक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण क्षण है। इससे खास तौर पर उन लोगों को मदद मिलेगी, जो लंबे समय से हाशिये पर रहे हैं और उन्हें आवाज और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है।
संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर पहली प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक का संसद के दोनों सदनों से पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए हमारे सामूहिक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण क्षण है। इससे खास तौर पर उन लोगों को मदद मिलेगी, जो लंबे समय से हाशिये पर रहे हैं और उन्हें आवाज और अवसर दोनों से वंचित रखा गया है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट की शृंखला में लिखा, ‘दशकों से वक्फ व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का पर्याय रही है। इससे खास तौर पर मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों, पसमांदा मुसलमानों को नुकसान पहुंचा। संसद की ओर से पारित कानून पारदर्शिता को बढ़ावा देंगे और लोगों के अधिकारों की रक्षा भी करेंगे।’उन्होंने आगे लिखा, ‘अब हम ऐसे युग में प्रवेश करेंगे जहां ढांचा अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील होगा। व्यापक रूप से हम प्रत्येक नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी तरह हम एक मजबूत, अधिक समावेशी और अधिक दयालु भारत का निर्माण भी कर सकते हैं।’
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





