पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा फिर शुरू, अनुराग ठाकुर ने दिखाई हरी झंडी
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल सेवा पुनः शुरू हो गई है। रेलमार्ग पर आवश्यक मरम्मत और बहाली कार्य पूरे होने के बाद मंगलवार को सेवा का संचालन फिर से आरंभ किया गया। हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।
कांगड़ा
रेल सेवा का संचालन पुनः शुरू
पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलमार्ग पर रेल सेवा लंबे अंतराल के बाद पुनः शुरू कर दी गई है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रेलमार्ग हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और मंडी जिलों सहित कई क्षेत्रों को पठानकोट से जोड़ता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण परिवहन साधन माना जाता है। रेल सेवा बहाल होने के बाद नियमित यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रेल सेवा के पुनः संचालन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रेलवे विभाग के महाप्रबंधक (जीएम), सांसद राजीव भारद्वाज, कांगड़ा के विधायक पवन काजल, नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का, भाजपा नेता विश्व चक्षु सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, रेलवे अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान रेलमार्ग की बहाली से जुड़े कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने रेल सेवा के संचालन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की।
रेलमार्ग की बहाली पर दी जानकारी
अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेलमार्ग की बहाली का विषय लगातार केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के समक्ष उठाया जाता रहा। उन्होंने बताया कि इस रेलखंड पर आवश्यक मरम्मत, ट्रैक सुधार और अन्य तकनीकी कार्यों के पूरा होने के बाद रेल सेवा को पुनः शुरू किया गया है। उनके अनुसार यह रेलमार्ग क्षेत्र के हजारों लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है और इसके संचालन से स्थानीय स्तर पर परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेलवे विभाग द्वारा आवश्यक तकनीकी मानकों को पूरा करने के बाद ही सेवा को बहाल किया गया है।
ब्रॉडगेज परियोजना पर भी चर्चा
सांसद ने कहा कि भविष्य में पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलमार्ग को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुराने रेलमार्गों के रखरखाव, पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यों में कई तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियां सामने आती हैं, जिसके कारण परियोजनाओं को पूरा करने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क को बेहतर बनाने और यात्रियों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता
अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेलमार्ग पर कुछ ऐसे संवेदनशील स्थान हैं जहां विशेषकर मानसून के दौरान भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक कारणों से परिचालन प्रभावित होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा उपायों और स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने तथा आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा ताकि रेल सेवा का संचालन सुचारू रूप से जारी रह सके।
राजनीतिक विषयों पर भी रखे विचार
मीडिया से बातचीत के दौरान अनुराग ठाकुर ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हाल ही में हुए पंचायती राज संस्थाओं, नगर निगमों और अन्य शहरी निकायों के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए अपनी राजनीतिक टिप्पणी साझा की। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और विभिन्न राजनीतिक दल इन परिणामों का अपने-अपने दृष्टिकोण से विश्लेषण करते हैं।
यात्रियों को मिलेगी सुविधा
रेल सेवा शुरू होने से कांगड़ा, नूरपुर, ज्वालामुखी, पालमपुर, बैजनाथ, जोगिंद्रनगर तथा आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। यह रेलमार्ग पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से बड़ी संख्या में पर्यटक क्षेत्र के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचते हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि रेल सेवा के पुनः संचालन से क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को सहायता मिलेगी, जबकि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ हो सकता है। रेलवे सेवा बहाल होने से स्थानीय स्तर पर परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।