PGI चंडीगढ़ और AIIMS दिल्ली से PG करने वाले डॉक्टरों को हिमाचल में बिना परीक्षा-इंटरव्यू मिलेगी नियुक्ति
हिमाचल प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती को आसान बनाने के लिए रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब PGI चंडीगढ़ और AIIMS नई दिल्ली से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त पात्र चिकित्सकों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा। इसके लिए न तो लिखित परीक्षा होगी और न ही इंटरव्यू लिया जाएगा। चयन MBBS और स्नातकोत्तर परीक्षाओं की मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
शिमला
रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में जोड़ा नया प्रावधान
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने PGI चंडीगढ़ और AIIMS नई दिल्ली से स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करने वाले पात्र चिकित्सकों की नियुक्ति को सुगम बनाने के उद्देश्य से रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में संशोधन किया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से पॉलिसी में नया प्रावधान शामिल किया गया है।
इसके तहत दोनों चिकित्सा संस्थानों से PG डिग्री प्राप्त पात्र चिकित्सकों को हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्त किया जा सकेगा।
MBBS और PG की मेरिट से तय होगा चयन
नई व्यवस्था में चिकित्सकों को नियुक्ति के लिए अलग से लिखित परीक्षा या साक्षात्कार की प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। पात्र अभ्यर्थियों का चयन MBBS और स्नातकोत्तर परीक्षाओं में प्राप्त मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
ये नियुक्तियां सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित 33.33 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत की जाएंगी। इससे पात्र चिकित्सकों के लिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पॉलिसी में किया गया संशोधन प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों की भर्ती को सुगम बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का मानना है कि इससे मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश सरकार का विशेष ध्यान सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को सुदृढ़ करने के साथ स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार लाने पर केंद्रित है। नई व्यवस्था के जरिए प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से PG करने वाले पात्र चिकित्सकों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से जोड़ने का रास्ता आसान होगा।