POCSO / हमीरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म मामले के दोषी को अदालत ने सुनाई 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा
POCSO : हमीरपुर की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कारावास और जुर्माना भी निर्धारित किया।
हमीरपुर
विशेष अदालत ने सुनाया फैसला
हमीरपुर के सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पंकज शर्मा की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि के कारावास और जुर्माने का आदेश भी दिया। यह निर्णय गुरुवार को सुनाया गया।
विभिन्न धाराओं के तहत सजा और जुर्माना
अदालत ने पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसके अलावा आईपीसी की धारा 376 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 451 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 341 के तहत एक वर्ष का कारावास और 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 506 के तहत तीन वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना निर्धारित किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार सभी सजाएं विधि के प्रावधानों के अनुसार लागू होंगी।
2022 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 17 सितंबर 2022 का है। शिकायत के अनुसार घटना के समय पीड़िता के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
27 गवाहों के आधार पर हुई दोषसिद्धि
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 27 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और संबंधित धाराओं के तहत सजा सुनाई। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री ने की।
