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एंट्री टैक्स विवाद के बीच पंजाब सीमा पर हिमाचल की गाड़ियों से खालसा टैक्स वसूली का दावा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में बाहरी वाहनों से ली जाने वाली एंट्री फीस को लेकर चल रहे विवाद के बीच पंजाब-हिमाचल सीमा क्षेत्र में कुछ निहंग जत्थेबंदियों द्वारा ‘खालसा टैक्स’ वसूली का दावा किया गया है। मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जबकि एंट्री फीस को लेकर सीमा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन भी जारी हैं।

बिलासपुर

एंट्री फीस विवाद के बीच नया घटनाक्रम

हिमाचल प्रदेश में बाहरी वाहनों से लिए जाने वाले एंट्री शुल्क को लेकर चल रहे विवाद के बीच पंजाब-हिमाचल सीमा क्षेत्र में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने कीरतपुर साहिब के समीप मोड़ा क्षेत्र में, पंजाब की सीमा के भीतर, हिमाचल की ओर आने-जाने वाले वाहनों से ‘खालसा टैक्स’ के नाम पर राशि लेने का ऐलान किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब हिमाचल में एंट्री फीस को लेकर दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार चर्चा और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

100 और 500 रुपये तक राशि लेने का दावा

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार संबंधित जत्थेबंदियों द्वारा कुछ वाहनों से 100 रुपये तथा कुछ वाहनों से 500 रुपये तक राशि लिए जाने का दावा किया गया है। इस संबंध में निहंग प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यह राशि उनके द्वारा सामाजिक एवं सामुदायिक कार्यों के लिए एकत्र की जा रही है। हालांकि इस प्रकार की वसूली को लेकर किसी सरकारी विभाग या प्रशासनिक एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति अथवा अधिसूचना सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

निहंग प्रतिनिधियों ने रखा अपना पक्ष

मीडिया से बातचीत के दौरान कुछ निहंग प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने हिमाचल और पंजाब सरकार के समक्ष अपनी आपत्तियां पहले भी रखी हैं। उनका कहना है कि जब तक एंट्री फीस से जुड़ा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक वे अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगे। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि उनके द्वारा एकत्र की जा रही राशि का उपयोग सार्वजनिक हित और धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

हिमाचल की एंट्री फीस को लेकर जारी है विवाद

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले बाहरी राज्यों से आने वाले व्यावसायिक और अन्य वाहनों पर लगने वाली एंट्री फीस में वृद्धि की थी। इसके बाद पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों से विरोध के स्वर उठे थे। विरोध को देखते हुए सरकार ने शुल्क में संशोधन करते हुए इसे 170 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दिया था। इसके बावजूद कई संगठनों का कहना है कि इस विषय पर अभी भी उनकी आपत्तियां बनी हुई हैं और वे इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।

2 जून को हुए थे विरोध प्रदर्शन

एंट्री फीस के विरोध में 2 जून को पंजाब के विभिन्न संगठनों ने हिमाचल सीमा से जुड़े कई क्षेत्रों में प्रदर्शन किए थे। इस दौरान ऊना जिले के मैहतपुर क्षेत्र और कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर गड़ामोड़ के समीप कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने एंट्री फीस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई थी। बाद में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के बाद यातायात को सामान्य रूप से बहाल किया गया।

प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर

सीमा क्षेत्रों में सामने आ रहे घटनाक्रमों को देखते हुए संबंधित प्रशासनिक और पुलिस विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एंट्री फीस से जुड़े विवाद, विरोध प्रदर्शनों और सीमा क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों के संबंध में विभिन्न स्तरों पर समीक्षा की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

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