Rail Service / 2 जून से पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर फिर शुरू होगा संचालन
Rail Service : पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल मार्ग पर 2 जून से रेल सेवाओं का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा। चक्की नदी पर नए पुल के निर्माण और ट्रैक से जुड़े आवश्यक कार्य पूरे होने के बाद रेलवे विभाग ने संचालन बहाल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सुरक्षा मानकों और ट्रैक मॉनिटरिंग को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक चरण में सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
कांगड़ा
2 जून से बहाल होगी रेल सेवा
पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल मार्ग पर 2 जून से रेल सेवाओं का संचालन पुनः शुरू किया जाएगा। रेलवे विभाग ने ट्रैक, पुल और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य पूरे कर लिए हैं। संबंधित अधिकारियों के अनुसार संचालन शुरू करने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है तथा औपचारिक आदेश जारी किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। रेल सेवा बहाल होने से कांगड़ा, नूरपुर, ज्वालामुखी, पालमपुर, बैजनाथ और जोगिंद्रनगर सहित मार्ग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों को फिर से रेल परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रारंभिक चरण में सीमित ट्रेनें चलेंगी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा मानकों और ट्रैक की निरंतर निगरानी को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में सीमित संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रेल मार्ग पर यातायात शुरू होने के बाद ट्रैक की स्थिति, परिचालन व्यवस्था और यात्री मांग की नियमित समीक्षा की जाएगी। समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है। रेलवे का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से सेवाओं को सामान्य स्तर तक पहुंचाना है।
चक्की पुल क्षतिग्रस्त होने से बाधित थी सेवा
पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग पर चक्की नदी के ऊपर स्थित पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद इस ऐतिहासिक नैरोगेज रेल सेवा का संचालन लंबे समय से प्रभावित था। पुल को हुए नुकसान के कारण रेल यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ा था। इसके बाद रेलवे ने विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण की योजना तैयार की और चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया। पुल के साथ-साथ ट्रैक और संबंधित संरचनाओं को भी आवश्यक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।
नए पुल का निर्माण कार्य पूरा
रेलवे ने चक्की नदी पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल तैयार किया है। यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों और सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। निर्माण कार्य के दौरान संरचनात्मक मजबूती, जल प्रवाह की स्थिति और भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा गया। पुल के निर्माण के बाद विभिन्न तकनीकी परीक्षण और निरीक्षण भी किए गए ताकि रेल संचालन को सुरक्षित रूप से बहाल किया जा सके।
सुरक्षा आयुक्त ने किया था निरीक्षण
फरवरी 2026 में रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने नए पुल और संबंधित रेल ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान संरचना की तकनीकी गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और परिचालन क्षमता का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के बाद पुल और रेल मार्ग को ट्रेनों की आवाजाही के लिए उपयुक्त पाया गया तथा आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की गईं। इसके बाद रेलवे ने परिचालन बहाली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
कांगड़ा घाटी रेल मार्ग का महत्व
पठानकोट-जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेल मार्ग हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण रेल संपर्कों में शामिल है। यह मार्ग कांगड़ा घाटी के कई प्रमुख कस्बों और पर्यटन स्थलों को जोड़ता है तथा स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन विकल्प उपलब्ध कराता है। रेल सेवा बहाल होने से क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को सड़क परिवहन के अतिरिक्त एक वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा फिर से उपलब्ध होगी।