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राजगढ़ सिविल अस्पताल शौचालय में भ्रूण मिलने मामले में सीसीटीवी से नाबालिग की पहचान जांच जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / रराजगढ़

राजगढ़ सिविल अस्पताल के शौचालय में भ्रूण मिलने के मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग की पहचान की गई है और पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग अस्पताल पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची थी और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के साथ फोरेंसिक प्रक्रिया भी जारी है।

राजगढ़

घटना का विवरण

राजगढ़ सिविल अस्पताल के शौचालय में यह मामला उस समय सामने आया जब सफाई कर्मचारी नियमित ड्यूटी के दौरान वहां पहुंचा और टॉयलेट सीट में फंसी एक संदिग्ध वस्तु देखी। प्रारंभिक जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि वह भ्रूण है, जिसके बाद तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया। इसके उपरांत पुलिस को जानकारी दी गई और मामले को औपचारिक रूप से दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज जांच

पुलिस टीम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का क्रमबद्ध विश्लेषण किया, जिसमें एक नाबालिग के अस्पताल आने और शौचालय क्षेत्र तक जाने के संकेत मिले। फुटेज के आधार पर उसकी गतिविधियों का समय निर्धारित किया गया, जिससे जांच को दिशा मिली। इसके बाद संबंधित नाबालिग को चिन्हित कर उससे पूछताछ की प्रक्रिया पूरी की गई।

नाबालिग से पूछताछ और आरोप

पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि वह पेट दर्द की समस्या के कारण अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान उससे जुड़े तथ्यों को विस्तार से दर्ज किया गया, जिसमें उसने एक युवक पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है और आरोपी से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।

फोरेंसिक जांच

घटनास्थल से बरामद भ्रूण को विधिवत फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक आकलन में इसकी आयु लगभग 4 से 5 माह के बीच बताई गई है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह भी जांच का हिस्सा है कि भ्रूण की स्थिति और घटनाक्रम किस प्रकार का रहा, जिससे पूरी घटना की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके।

पुलिस बयान

एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि मामला संवेदनशील प्रकृति का है, इसलिए जांच प्रक्रिया को पूरी गोपनीयता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी साक्ष्यों, तकनीकी जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, और पीड़िता की पहचान को नियमों के अनुसार सुरक्षित रखा जाएगा।