रोहड़ू-रामपुर में 415.80 करोड़ की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के तीन दिवसीय रोहड़ू-रामपुर प्रवास के दौरान दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 415.80 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भटवाड़ी और काशा-पाट में रात्रि प्रवास कर ग्रामीणों व विद्यार्थियों से संवाद किया तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और सामुदायिक सुविधाओं से संबंधित कई घोषणाएं कीं।
शिमला/रोहड़ू
रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में 182.87 करोड़ रुपये की 61 परियोजनाओं और रामपुर विधानसभा क्षेत्र में 232.93 करोड़ रुपये की 28 परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए गए। मुख्यमंत्री ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित एंटी चिट्टा रैलियों में भी भाग लिया और प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रवास के दौरान दूरदराज क्षेत्रों की विकास जरूरतों को लेकर स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत भी की गई।
भटवाड़ी में ग्रामीणों की मांगों पर घोषणाएं
रोहड़ू के दूरदराज क्षेत्र भटवाड़ी में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने रात्रि प्रवास किया। उन्होंने महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये, चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये और पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन दिया गया, जबकि धमवाड़ी स्कूल को सीबीएसई के तहत लाने की घोषणा भी की गई।
क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण हेतु 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सड़क के निर्माण से सेब बागवानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों की जानकारी ली तथा संबंधित सुविधाओं के विस्तार को लेकर घोषणाएं कीं।
शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार
रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान एक छात्रा की मांग पर मुख्यमंत्री ने नए स्कूल भवन के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संदासू को सिविल अस्पताल में स्तरोन्नत करने, समरकोट में सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय के लिए सर्वे करवाने की घोषणा भी की गई। जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई के तहत लाने की बात कही गई।
एमआईएस के तहत 13 रुपये किलो खरीदा जाएगा सेब
चिड़गांव में मुख्यमंत्री ने एक दिसंबर से दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी करने की घोषणा की। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत सेब के खरीद मूल्य में भी एक रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की जाएगी। इसके बाद एमआईएस के अंतर्गत सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। ये घोषणाएं क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों और सेब बागवानों से जुड़े विषयों को लेकर की गईं।
काशा-पाट में स्कूल भवन, खेल मैदान और बस सेवा
रामपुर के दुर्गम काशा-पाट में रात्रि प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने और खेल मैदान विकसित करने की घोषणा की। बच्चों की सुविधा के लिए काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने के प्रयास की बात कही गई। इसके साथ ही तकलेच स्कूल को सीबीएसई के तहत लाने की घोषणा भी की गई।
रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के भवन की मांग सामने आने पर मुख्यमंत्री ने इसके निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की। विद्यार्थियों ने शिक्षकों की उपलब्धता, गैर-शैक्षणिक कार्यों और शिक्षा से संबंधित अन्य मुद्दे भी उनके समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने इन विषयों पर विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी बात सुनी।
1,471 श्रमिकों और आश्रितों को वित्तीय सहायता
नोगली में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1,471 पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। तीन दिवसीय प्रवास में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ दूरदराज क्षेत्रों में रात्रि प्रवास, ग्रामीणों व विद्यार्थियों से संवाद और मौके पर की गई विकास घोषणाएं प्रमुख गतिविधियां रहीं।