मुख्यमंत्री सुक्खू ने सराज की चैल-चौक-जंजैहली सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 137 करोड़ रुपये स्वीकृत किए
सराज क्षेत्र की चैल-चौक-जंजैहली सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 137.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था में सुधार होगा और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र में विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
शिमला
83 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना को मिली स्वीकृति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी जिले के सराज क्षेत्र की चैल-चौक-जंजैहली सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 137.40 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। उन्होंने बताया कि यह सड़क 83 किलोमीटर लंबी है और इसे राज्य सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत भेजा था। परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई बढ़ाने, संरचनात्मक सुधार करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने से संबंधित कार्य किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान दी जानकारी
मुख्यमंत्री सोमवार को शिमला स्थित सरकारी आवास ओक ओवर में सराज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर रहे थे। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश रेड्डी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में सड़क, संपर्क व्यवस्था और स्थानीय विकास कार्यों से संबंधित मुद्दे भी रखे गए। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सराज क्षेत्र के दौरे का निमंत्रण भी दिया।
क्षेत्र की सड़कों के लिए अतिरिक्त धनराशि की घोषणा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सराज क्षेत्र की कई सड़कों के लिए अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत करने की घोषणा की। इनमें नौणा-छलैला-विनीधार सड़क के लिए 10 लाख रुपये, बालीचौकी-खलोआ-शारश सड़क के लिए 20 लाख रुपये, नौणा-भराड़ी सड़क के लिए 10 लाख रुपये, खनेठी-खूहन सड़क के लिए 10 लाख रुपये तथा हणोगी-शलोई-छमार सड़क के लिए 10 लाख रुपये शामिल हैं। इन स्वीकृतियों का उद्देश्य सड़क रख-रखाव और सुधार कार्यों को आगे बढ़ाना है।
संतुलित विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित और समान विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान सराज विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए उन्होंने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए भी काम कर रही है।
राहत सहायता से संबंधित जानकारी साझा की
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत राशि में संशोधन किया है। उनके अनुसार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, घरेलू सामान, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों, पॉलीहाउस, मलबा हटाने और पशुधन हानि से संबंधित सहायता प्रावधानों में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि राहत पैकेज में विभिन्न श्रेणियों के लिए सहायता राशि बढ़ाई गई है, ताकि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।