NDPS / शिमला में चिट्टा तस्करी मामले में बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, जांच में 40 लाख के लेनदेन का खुलासा
Himachalnow / शिमला
NDPS : शिमला में चिट्टा तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने बिहार से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा है। जांच के दौरान बैंक खातों में करीब 40 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है, जिसके आधार पर पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान और अन्य संबंधित व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
शिमला
मामले की शुरुआत और प्रारंभिक कार्रवाई
राजधानी शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस ने एक मामले में गहन जांच करते हुए नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई है। पुलिस के अनुसार 23 फरवरी को थाना बालूगंज में दर्ज मामले के दौरान चौपाल क्षेत्र निवासी अविनाश चौहान के कब्जे से 6.7 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस मामले को आगे बढ़ाते हुए इसके पीछे सक्रिय आपूर्ति तंत्र और संबंधित व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच का दायरा विस्तृत किया।
जांच में सामने आया मनी ट्रेल और डिजिटल साक्ष्य
पुलिस द्वारा आरोपी से विस्तृत पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और बैंक खातों की जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि अविनाश चौहान द्वारा बिहार के रहने वाले विशाल नामक व्यक्ति और उसके सहयोगियों को धनराशि भेजी जा रही थी। बैंकिंग लेनदेन के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि यह गतिविधि एक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही थी। इसके आधार पर पुलिस ने मनी ट्रेल का अनुसरण करते हुए विभिन्न खातों और लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने का कार्य किया।
बिहार से आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई
जांच के आधार पर बालूगंज पुलिस की टीम ने 24 अप्रैल को बिहार के भोजपुर जिले के हरदुआ गांव में कार्रवाई करते हुए विशाल यादव (20) और जय प्रकाश (27) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया गया है। वर्तमान में उनसे पूछताछ की जा रही है, जिससे इस नेटवर्क की संरचना और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त की जा सके।
लेनदेन और नेटवर्क का विस्तार
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विशाल यादव के बैंक खातों में पिछले पांच महीनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। पुलिस के अनुसार इन खातों से नियमित रूप से नकद निकासी की जा रही थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह मामला एक संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस वित्तीय गतिविधि के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों और संभावित कड़ियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
एसएसपी का बयान और आगे की जांच
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तक सीमित न रहकर पूरे सप्लाई नेटवर्क को चिन्हित कर उसे समाप्त करना है। इसी दिशा में विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।