शिमला में हेरोइन बरामदगी मामले में आरोपी को दो माह कैद और पांच हजार जुर्माने की सजा
Himachalnow / शिमला
शिमला में वर्ष 2019 में दर्ज हेरोइन बरामदगी मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को दो माह के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शिमला
सदर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था मामला
राजधानी शिमला में मादक पदार्थ से जुड़े एक मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी-5) शिमला की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2019 में पुलिस थाना सदर शिमला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। अदालत ने 5 मई 2026 को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दो माह के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने की थी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार 9 नवंबर 2019 को सदर थाना शिमला की पुलिस टीम रविन्दा कार्ट रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में गश्त और नियमित चेकिंग पर तैनात थी। इसी दौरान पुलिस ने मनोज कुमार शर्मा नाम के व्यक्ति को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से करीब एक ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। आरोपी मूल रूप से हरियाणा के अंबाला जिले के बलदेव नगर का निवासी बताया गया है और उस समय शिमला के कॉमली बैंक क्षेत्र में रह रहा था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था केस
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने बरामद सामग्री, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य आवश्यक तथ्यों को एकत्रित कर अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
एसएसपी ने जांच और पैरवी का किया उल्लेख
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि मामले में पुलिस द्वारा की गई जांच और अदालत में प्रभावी पैरवी के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों से जुड़े मामलों में कानून के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।