शिमला हाईकोर्ट ने नवविवाहिता को अदालत में पेश करने के दिए निर्देश, 23 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा जिले से नवविवाहिता को उसकी इच्छा के विरुद्ध राजस्थान ले जाने के आरोप से जुड़े मामले में अगली सुनवाई पर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को 23 जुलाई को महिला की उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं।
शिमला
हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा जिले से एक नवविवाहिता को उसकी इच्छा के विरुद्ध राजस्थान ले जाने के आरोप से संबंधित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन सी. नेगी की खंडपीठ ने मामले में संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
याचिका में लगाए गए आरोप
याचिकाकर्ता आदित्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि दोनों ने 1 फरवरी 2026 को कांगड़ा जिले के चामुंडा माता मंदिर में अपनी इच्छा से विवाह किया था और इसकी जानकारी लड़की के परिवार को भी दी गई थी। याचिका के अनुसार इसके बाद राजस्थान में एक प्राथमिकी दर्ज हुई तथा बाद में दोनों पक्षों के बीच मार्च 2026 में समझौता भी हुआ था।
राजस्थान ले जाने का आरोप
याचिका में यह भी कहा गया है कि 29 जून 2026 को राजस्थान के कोटपुतली स्थित सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट कार्यालय से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 100 के तहत जारी आदेश के आधार पर लड़की को कांगड़ा से राजस्थान ले जाया गया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई उसकी इच्छा के विरुद्ध की गई।
23 जुलाई को अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राजस्थान के कोटपुतली के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को भी प्रतिवादी बनाने के निर्देश दिए। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को 23 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में नवविवाहिता की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।