पंचायत चुनाव आचार संहिता लागू, प्रचार में सरकारी वाहनों और मशीनरी के उपयोग पर रोक
Himachalnow / शिमला
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू कर दी गई है। इसके तहत सरकारी वाहनों, संसाधनों और प्रशासनिक निर्णयों पर निर्धारित नियमों के अनुसार प्रतिबंध लगाए गए हैं।
शिमला
प्रचार में सरकारी संसाधनों के उपयोग पर रोक
राज्य में पंचायत चुनावों की घोषणा के बाद लागू आदर्श आचार संहिता के तहत अब चुनाव प्रचार में सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, एडवाइजर, बोर्ड और निगमों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन सहित सभी पदाधिकारी चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। स्पष्ट किया गया है कि सरकारी वाहन केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही उपयोग किए जाएंगे। इसके साथ ही चुनाव प्रचार में किसी भी प्रकार की सरकारी मशीनरी के उपयोग पर भी रोक रहेगी और सरकारी उपलब्धियों से संबंधित होर्डिंग हटाने होंगे।
प्रशासनिक निर्णयों पर नियंत्रण और अनुमति अनिवार्य
आचार संहिता लागू होने के बाद सभी विभागों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत कार्य करना होगा। इस अवधि में सरकार तबादले, प्रमोशन, नई भर्तियों के विज्ञापन, चल रही भर्तियों के परिणाम घोषित करने और नए टेंडर जारी करने जैसे निर्णय स्वतंत्र रूप से नहीं ले सकेगी। ऐसे मामलों में राज्य निर्वाचन आयोग से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त नई योजनाओं की घोषणा, शिलान्यास, उद्घाटन तथा ऐसे निर्णय जिनसे मतदाताओं पर प्रभाव पड़ सकता है, उन्हें भी लागू नहीं किया जाएगा। सरकारी कार्यालयों में लगे मुख्यमंत्री के फोटो वाले पोस्टर हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला प्रशासन को निर्देश और निगरानी व्यवस्था
राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिला उपायुक्तों को आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकारी भवनों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा और अधिकारियों तथा कर्मचारियों को किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में कार्य करने से रोका गया है। पहले से चल रही योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन उनका नया प्रचार नहीं किया जाएगा। साथ ही नई भर्तियों से संबंधित विज्ञापन भी आचार संहिता समाप्त होने तक जारी नहीं किए जाएंगे। पंचायत चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और सरकार सभी पर यह नियम समान रूप से लागू रहेंगे।
चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया स्पष्ट
राज्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में उम्मीदवारों को मनपसंद चुनाव चिन्ह नहीं मिलेंगे। नामांकन पत्र वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों को आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया निष्पक्षता और समानता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।