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  • हिमाचल को उड़ान योजना के तहत 213.52 करोड़ : क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई

    हिमाचल को उड़ान योजना के तहत 213.52 करोड़ : क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई

    हिमाचल प्रदेश को उड़ान योजना के तहत 213.52 करोड़

    केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि उड़ान योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को हवाई अड्डों के विकास के लिए अब तक 213.52 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें से 31 अक्टूबर 2024 तक 160.46 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी।

    86 हवाई अड्डे और 609 एयर रूट्स ऑपरेशनल

    मंत्री ने बताया कि उड़ान योजना के तहत अब तक 609 क्षेत्रीय कनेक्टिविटी स्कीम एयर रूट्स के माध्यम से 86 हवाई अड्डों को ऑपरेशनल किया गया है। इनमें 13 हेलिपोर्ट्स और दो वाटर एरोड्रोम्स भी शामिल हैं। इस योजना के तहत अब तक 2.86 लाख उड़ानों से 146 लाख घरेलू यात्रियों ने यात्रा की है। हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, और लद्दाख जैसे राज्यों में भी इस योजना के तहत फंड जारी किए गए हैं।

    अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन

    मोहोल ने बताया कि उड़ान योजना के तहत अन्य राज्यों को भी पर्याप्त धनराशि प्रदान की गई। उदाहरणस्वरूप,

    • पंजाब: 143.25 करोड़ (31 अक्टूबर तक 143.22 करोड़ का उपयोग)
    • हरियाणा: 60.65 करोड़ (31 अक्टूबर तक 35.65 करोड़ का उपयोग)
    • उत्तराखंड: 137.42 करोड़ (31 अक्टूबर तक 76.68 करोड़ का उपयोग)
    • लद्दाख: 10.20 करोड़ (31 अक्टूबर तक 0.30 करोड़ का उपयोग)।
      उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 1128.32 करोड़ आबंटित किए गए, जिसमें से 1096.29 करोड़ खर्च हो चुके हैं।

    दूसरे चरण में 50 नए एयरपोर्ट का पुनरुत्थान

    मंत्री ने बताया कि योजना के दूसरे चरण के तहत 50 नए हवाई अड्डों के पुनरुत्थान के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए गए। कुल मिलाकर, अब तक 4500 करोड़ रुपये एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट, और वाटर एरोड्रोम्स को अपग्रेड करने के लिए जारी किए गए हैं। 31 अक्टूबर 2024 तक इस राशि में से 4135.45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस योजना ने देशभर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त करने में बड़ा योगदान दिया है।

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  • जिला अस्पताल चंबा को मिली हाई-टेक सौगात : हुडको ने दी पोर्टेबल टीबी एक्स-रे मशीन

    जिला अस्पताल चंबा को मिली हाई-टेक सौगात : हुडको ने दी पोर्टेबल टीबी एक्स-रे मशीन

    हुडको ने सीएसआर के तहत दी टीबी एक्स-रे मशीन

    हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) द्वारा आकांक्षी जिला चंबा को सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) के तहत पोर्टेबल टीबी एक्स-रे मशीन प्रदान की गई। इस मशीन का लोकार्पण जिला अस्पताल चंबा के बैठक कक्ष में हुडको के कार्यकारी निदेशक राजीव शर्मा ने उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल की उपस्थिति में किया। उपायुक्त ने हुडको का आभार जताते हुए कहा कि यह मशीन टीबी उन्मूलन अभियान में एक मील का पत्थर साबित होगी।

    टीबी उन्मूलन में होगा बड़ा उपयोग

    इस हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की मदद से जिला चंबा के दूरदराज क्षेत्रों में टीबी के मरीजों की जांच की जा सकेगी। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह मशीन आगामी 7 दिसंबर से शुरू होने वाले 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान में भी अहम भूमिका निभाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ विपिन ठाकुर ने इसे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक बताया और अतिरिक्त उपकरणों की आवश्यकता का अनुरोध भी किया।

    हुडको का स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान

    हुडको के कार्यकारी निदेशक (सीएसआर) राजीव शर्मा ने बताया कि यह मशीन उनकी हेल्थ एंड न्यूट्रिशन योजना के तहत उपलब्ध कराई गई है, जिसकी कीमत 24 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही स्वास्थ्य विभाग को एक और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से चिकित्सा उपकरण और फर्नीचर भी मुहैया कराए जाएंगे।

    कार्यक्रम में अधिकारियों की मौजूदगी

    इस लोकार्पण कार्यक्रम में हुडको के सहायक महाप्रबंधक अजय अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक आशीष गोयल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस भारद्वाज, और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ हरित पुरी सहित कई अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। इस पहल ने चंबा जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई उम्मीद जगाई है और टीबी उन्मूलन के प्रयासों को नई गति दी है।

  • Reappointment/राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कानूनगो और पटवारी पदों पर  पुनः नियुक्ति के लिए आवेदन……..

    Reappointment/राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए कानूनगो और पटवारी पदों पर पुनः नियुक्ति के लिए आवेदन……..

    सिरमौर जिला में 15 कानूनगो और 3 पटवारी पदों पर होगी अस्थायी नियुक्ति , आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसम्बर

    उपायुक्त सिरमौर, सुमित खिम्टा ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि सिरमौर जिले में कानूनगो के 15 पदों और पटवारी के 3 रिक्त पदों पर राजस्व विभाग से सेवानिवृत्त कर्मियों को पुनः नियुक्ति दी जाएगी। इसके लिए इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज़, प्रमाण पत्र के साथ 15 दिसम्बर, 2024 तक उपायुक्त कार्यालय में जमा करने होंगे।

    सुमित खिम्टा ने बताया कि आवेदन पत्र जिला सिरमौर की आधिकारिक वेबसाइट https://hpsirmaur.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए सेवानिवृत्त कर्मियों को आवेदन के साथ अपने मूल विभाग से सेवा प्रमाण पत्र और मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि जो आवेदक हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग के किसी भी विंग में सेवानिवृत्त होने से पहले कम से कम 5 वर्षों की सेवा कर चुके हों और उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्यवाही लंबित न हो, वे इस पद के लिए पात्र होंगे। साथ ही, इन नियुक्तियों के लिए आवेदक की आयु 65 वर्ष से कम होनी चाहिए।

    यह नियुक्तियां अस्थायी आधार पर की जाएंगी और इन्हें किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है। यह अवसर उन सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए है जो अपने अनुभव का उपयोग करके जिला सिरमौर के विकास में योगदान देना चाहते हैं।

  • मुख्यमंत्री की गारंटियां: दो वर्षों में सात गारंटियों का पूरा होना मुख्यमंत्री का नेतृत्व और वचनबद्धता

    मुख्यमंत्री की गारंटियां: दो वर्षों में सात गारंटियों का पूरा होना मुख्यमंत्री का नेतृत्व और वचनबद्धता

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता में आते ही जनता से की गई गारंटियों को पूरा करने का वचन लिया था। अपनी कार्यशैली और कड़े निर्णयों के साथ उन्होंने सिर्फ दो वर्षों में सात गारंटियों को पूरा कर अपने नेतृत्व का विश्वास स्थापित किया है। बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरिणी के वार्षिक उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने इस बात की पुष्टि की।

    आगामी गारंटियों की साकार प्रक्रिया
    केवल सिंह पठानिया ने कहा कि 11 दिसंबर को सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर शेष गारंटियों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जो सात गारंटियां पूरी की हैं, उनका उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर सेवाएं और जीवनशैली प्रदान करना है।


    सुख शिक्षा योजना: बेसहारा बच्चों के लिए एक नई शुरुआत

    सरकार का नया कदम
    केवल सिंह पठानिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर ‘सुख शिक्षा योजना’ की शुरुआत की जा रही है, जो बेसहारा बच्चों के लिए वरदान साबित होगी। इस योजना के तहत विधवा, बेसहारा, और तलाकशुदा महिलाओं के 23 हजार बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होगी।

    योजना के लाभ और उद्देश्य
    सुख शिक्षा योजना में सरकार निराश्रित बच्चों को प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी। इस योजना का उद्देश्य इन बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें बेहतर शिक्षा की ओर मार्गदर्शन देना है।


    शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और जिम्मेदार नागरिक निर्माण

    सरकारी कदम और कार्यक्रम
    केवल सिंह पठानिया ने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों और नवाचारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘अपना विद्यालय: द हिमाचल स्कूल अडोप्शन प्रोग्राम’ जैसी पहल के माध्यम से प्रदेशवासी राजकीय स्कूलों को गोद लेकर शिक्षा के सुधार में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।

    शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास
    उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास महत्वपूर्ण है, और इसे बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएं चल रही हैं।


    युवाओं में समाजिक जिम्मेदारी और शिक्षक की भूमिका

    सोशल मीडिया और नशे से दूर रखना
    पठानिया ने यह भी बताया कि आजकल के युवा सोशल मीडिया और नशे की प्रवृत्तियों से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा विद्यालय स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को समाज के प्रति जिम्मेदारियों का अहसास हो सके।

    शिक्षकों की रचनात्मक सहभागिता
    उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्व दिया और कहा कि शिक्षा के सुधार में उनकी रचनात्मक भागीदारी अनिवार्य है। स्कूलों में छात्रों को करियर काउंसलिंग, नशे की बुराइयों, महिला सशक्तिकरण और कानूनी जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है।


    विद्यालय की वार्षिक गतिविधियां और मेधावी छात्रों का सम्मान

    विद्यालय का प्रदर्शन
    इस अवसर पर प्राचार्य नरेंद्र शर्मा ने स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समय स्कूल में 391 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, और गत वर्ष 11 बच्चे बोर्ड की मेरिट लिस्ट में रहे हैं।

    कला और पुरस्कार वितरण
    कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए और मुख्य अतिथि ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।


    समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग

    गणमान्य उपस्थित लोग
    इस कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान गगन सिंह, जिला परिषद ऋतिका शर्मा, उप प्रधान पप्पू राम और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

  • किसानों को सब्जी, फल और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें: उपायुक्त समय पर कार्य न होने पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित

    किसानों को सब्जी, फल और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें: उपायुक्त समय पर कार्य न होने पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित

    धर्मशाला, 4 दिसंबर
    उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को सब्जी, फल एवं दुग्ध उत्पादन के लिए प्रेरित करें, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय पर कार्यों को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि लोग समय पर सुविधाओं का लाभ उठा सकें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि काम समय पर पूरा नहीं होता है तो अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, और आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट ली जाएगी।

    विकास कार्यों की समीक्षा

    उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बुधवार को ज्वालामुखी उपमंडल में विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों को बिना किसी कारण के लटकाए नहीं रखा जाए और इन मामलों के निपटारे में कोई देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामले जिनका समाधान उनके स्तर पर हो सकता है, उन्हें तुरंत निपटाया जाए।

    राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश

    उपायुक्त ने तहसील और उप-तहसील स्तर पर अतिक्रमण, निशानदेही, तकसीम हुक्मी, खानगी, वारंट निष्पादन, इंतकाल (म्यूटेशन), और जमाबंदी के मामलों के निपटारे की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निपटारे पर विशेष ध्यान दे रही है, और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर हर महीने के आखिरी दो दिन राजस्व अदालतें लगाई जा रही हैं।

    पंचायतों के समग्र विकास में समाज की सहभागिता

    उपायुक्त ने पंचायतों के समग्र विकास में समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में प्राकृतिक स्रोतों और संसाधनों के संरक्षण में समाज के सभी घटकों को जागरूक किया जाना चाहिए। इसके अलावा, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

    सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन

    उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विकास के तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका योजना, स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण), और ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के अंतर्गत किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

    महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करना

    उपायुक्त ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया और स्वयं सहायता समूहों के गठन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

    पंचायतों में विकास कार्यों का निरीक्षण

    उन्होंने पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाए।

    शिवा प्रोजेक्ट और सुख आश्रय परिसर का निरीक्षण

    उपायुक्त ने धनोटू में शिवा परियोजना का निरीक्षण किया और उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यहां उत्पादित फलों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था की जाए। इसके बाद उन्होंने लुथान में बन रहे सुख आश्रय परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुख शिक्षा योजना के तहत बच्चों को शामिल करने के कार्य में तत्परता लाई जाए और सुख आश्रय योजना के तहत भूमिहीन बच्चों को जमीन उपलब्ध कराने में भी तेजी लाई जाए।

    समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी
    इस बैठक में एसडीएम डॉक्टर संजीव कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय विधायक सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

  • शीत ऋतु के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा

    शीत ऋतु के दौरान आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की समीक्षा

    समीक्षा बैठक का आयोजन

    चंबा, 4 दिसंबर: विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने शीत ऋतु के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का आयोजन बचत भवन चंबा में किया गया, जिसमें जिला के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों और सभी जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में शीत ऋतु के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभागों की तैयारियों पर चर्चा की गई।

    शीत ऋतु और आपदा प्रबंधन तैयारियां

    बैठक में शीत ऋतु के दौरान विभागीय तैयारियों और आपदा के संभावित खतरे की रोकथाम के उपायों की समीक्षा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को विभिन्न दिशाओं में निर्देश दिए:

    1. स्वास्थ्य सुविधाएं:
      • मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा को निर्देश दिया गया कि वे स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करें।
    2. शिक्षा विभाग:
      • स्कूल भवनों को असुरक्षित घोषित करने की प्रक्रिया को न्यूनतम समय अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
      • एसडीएम को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे अपने क्षेत्रों में इस प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करें।
    3. जल आपूर्ति:
      • जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया गया कि वे कम वर्षा के कारण प्रभावित होने वाली पेयजल योजनाओं के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार करें।
      • उन्होंने भू-रिचार्ज और जल संरक्षण के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
    4. दूरसंचार सेवाएं:
      • दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे मोबाइल टावरों में 2-3 दिन का पावर बैकअप सुनिश्चित करें ताकि ग्रिड फेल होने पर दूरसंचार सेवाएं प्रभावित न हों।
    5. आपातकालीन सेवाएं:
      • मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा और उपमंडलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे आपात सेवाओं से संबंधित संस्थाओं और स्थानों पर 2-3 दिन तक अतिरिक्त पावर बैकअप सुनिश्चित करें।
    6. अग्निशमन विभाग:
      • अग्निशमन विभाग को संवेदनशील भवनों का फायर ऑडिट करने और जरूरी अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    विभागीय तैयारियों पर चर्चा

    बैठक में लोक निर्माण, विद्युत, परिवहन, कृषि, बागवानी, पुलिस, और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबंधित आपदा प्रबंधन की तैयारियों और दायित्वों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

    सुशासन सूचकांक पर चर्चा

    बैठक में सुशासन सूचकांक के संदर्भ में जिला चंबा के प्रदर्शन पर भी चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

    बैठक का स्वागत और उद्देश्य

    बैठक की शुरुआत में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष का स्वागत किया और बैठक के उद्देश्य और महत्व पर संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को उनके बहुमूल्य समय के लिए धन्यवाद दिया।

    बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में स्थानीय विधायक नीरज नैयर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा नीलम नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, एडीएम अमित मेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवानी महेला, एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती, एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज, एसडीएम भटियात पारस अग्रवाल, एसडीएम सलूनी नवीन कुमार, एसडीएम तीसा अंकुर ठाकुर, एसी टू डीसी पीपी सिंह और लोनिवि, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • चंबा में सीएसआर से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

    चंबा में सीएसआर से संबंधित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

    समीक्षा बैठक का आयोजन

    चंबा, 4 दिसंबर: जिला चंबा में सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक बचत भवन चंबा के सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने की। बैठक में एनएचपीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चमेरा-1, चमेरा-2, चमेरा-3, तथा बैरसयूल जल विद्युत परियोजनाओं के महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा, जेएसडब्ल्यू और जेएमआर जल विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

    सीएसआर के तहत 22 करोड़ रुपये का खर्च

    कुलदीप सिंह पठानिया ने बैठक में जानकारी दी कि इस वर्ष जिला चंबा में सीएसआर के तहत लगभग 22 करोड़ रुपये की राशि से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि को आने वाले वर्षों में और बढ़ाया जाएगा, ताकि जिला चंबा में विभिन्न विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जा सके।

    बैठक में की गई महत्वपूर्ण चर्चा

    इस अवसर पर परियोजना प्रबंधकों ने पिछले वर्षों में किए गए कार्यों और खर्च की गई धनराशि का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष ने सीएसआर के तहत होने वाले कार्यों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्रवासियों को इन कार्यों का दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    निर्देश और योजनाएं

    1. स्वास्थ्य सेवाएं: कुलदीप सिंह पठानिया ने अधिकारियों को सीएसआर के तहत मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
    2. रोजगार और स्वरोजगार: परियोजना प्रबंधकों को परियोजना प्रभावित परिवारों और उनके आश्रितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
    3. विशेष प्राथमिकता: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएसआर के तहत विकास कार्यों के लिए जिला चंबा को विशेष प्राथमिकता दी जाए, ताकि अन्य जिलों की तुलना में चंबा में ज्यादा कार्य किए जा सकें।

    आवश्यक विकास क्षेत्रों का उल्लेख

    कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, और पर्यटन के क्षेत्र में चंबा में बहुत अधिक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यह कार्य जिले के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं।

    बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में विधायक चंबा नीरज नैयर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, एडीएम अमित मेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवानी महेला, और एसी टू डीसी पीपी सिंह सहित एनएचपीसी और जल विद्युत परियोजनाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • चंबा अचंभा थीम पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रतियोगिता

    चंबा अचंभा थीम पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी प्रतियोगिता

    अंतिम तिथि 15 दिसंबर निर्धारित

    चंबा, 4 दिसंबर: जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजीव मिश्रा ने जानकारी दी कि चंबा अचंभा थीम के तहत चंबा के परिदृश्य और जीवनशैली पर आधारित फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर निर्धारित की गई है।

    प्रतियोगिता का आयोजन

    राजीव मिश्रा ने बताया कि जिला पर्यटन विकास निगम ने 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक इस ऑनलाइन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इस प्रतियोगिता में चंबा के दर्शनीय स्थल, स्थानीय जीवनशैली, और संस्कृति को प्रस्तुत करने के लिए इच्छुक प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं।

    भागीदारी और अपलोडिंग प्रक्रिया

    प्रतिभागी अपनी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को जिला पर्यटन विकास निगम की मेल आईडी (chamba.achambhaphotocontest@gmail.com) पर अपलोड कर सकते हैं। जिले भर से प्रतिभागी अपनी शॉट की गई तस्वीरें और वीडियो लगातार अपडेट कर रहे हैं।

    पुरस्कार और सम्मान

    राजीव मिश्रा ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले प्रतिभागी को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

    संपर्क जानकारी

    अधिक जानकारी के लिए प्रतिभागी जिला पर्यटन विकास कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

  • आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 5 लाख रुपये खर्च होंगे

    आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 5 लाख रुपये खर्च होंगे

    आरकेएस के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार

    देहरा, 4 दिसंबर: रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के तहत, आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में इस वित्तीय वर्ष में 5 लाख रुपये से अधिक राशि स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। यह जानकारी स्थानीय विधायक कमलेश ठाकुर ने आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक में दी। बैठक में विधायक ज्वालामुखी संजय रतन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    विधायक द्वारा अतिरिक्त फंड की घोषणा

    विधायक कमलेश ठाकुर ने बताया कि देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर और ज्वालामुखी विधायक संजय रतन दोनों आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा के रोगी कल्याण समिति के लिए प्रत्येक वर्ष एक-एक लाख रुपये का योगदान देंगे।

    अस्पताल में सुविधाओं को मजबूत करने की योजना

    विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार मुफ्त इलाज और मुफ्त दवाई उपलब्ध कराने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा को सुदृढ़ बनाना और वहां आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इस संबंध में बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    निर्णय और योजनाएँ

    • ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीदारी आरकेएस के माध्यम से की जाएगी।
    • आउटसोर्स से जुड़े डेटा एंट्री ऑपरेटर को जनवरी 2025 से महीने का 2000 रुपये बढ़ाकर 4000 रुपये देने की स्वीकृति दी गई।
    • पेशेंट वार्ड में पर्दे लगाने के लिए रोगी कल्याण समिति के फंड से मंजूरी दी गई।

    स्वास्थ्य आंकड़े और खर्च

    वर्ष 2023-24 में आयुर्वेदिक अस्पताल देहरा की कुल ओपीडी (ओपनिंग पेशेंट डिस्चार्ज) 23,351 रही, जबकि आईपीडी (इन-हॉस्पिटल पेशेंट डिस्चार्ज) 1,751 रही। इसके अलावा, पंचकर्मा की ओपीडी 795 और आईपीडी 972 रही। इस दौरान रोगी कल्याण समिति के माध्यम से 4 लाख 70 हजार 814 रुपये स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए खर्च किए गए।

    बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में कई अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, अधिशासी अधिकारी जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, बीडीओ देहरा मुकेश कुमार, एसडीएएमओ देहरा डॉ. अरुण कुमार, और कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।

  • विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में जिला कल्याण समिति की बैठक

    विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में जिला कल्याण समिति की बैठक

    महत्वपूर्ण चर्चाएँ और घोषणाएँ

    जिला मुख्यालय चंबा स्थित बचत भवन में जिला कल्याण समिति की बैठक विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में इन योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना था।

    सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार

    विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए ताकि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का वचन है कि वह राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ पिछड़े वर्गों के उत्थान और गरीबों की भलाई के लिए कई योजनाओं को लागू कर रही है।

    योजनाओं का वित्तीय विवरण

    • सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 2024-25 के लिए जिले में कुल 55,634 पेंशनरों को 70 करोड़ 55 लाख 51 हजार 250 रुपये आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन शामिल हैं।
    • वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 84 करोड़ 79 लाख 76 हजार 400 रुपये आवंटित किए गए थे, जिनमें से मार्च 2024 तक 84 करोड़ 31 लाख 40 हजार 700 रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
    • प्रदेश सरकार की इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख समान निधि योजना के तहत 1245 महिलाओं को 56 लाख 25 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जा चुकी है, और यह योजना 2024 तक 1500 रुपये प्रति माह की दर से जारी रहेगी।
    • गृह अनुदान योजना के तहत 1 करोड़ 24 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

    अन्य योजनाओं पर चर्चा

    बैठक में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के माध्यम से चलाई जा रही अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इसके अलावा, जनहित में इन योजनाओं के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

    बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

    बैठक में स्थानीय विधायक नीरज नैयर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्षा नीलम नैय्यर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल, एडीएम अमित मेहरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवानी महेला, एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती, एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज, एसडीएम भटियात पारस अग्रवाल, एसडीएम सलूनी नवीन कुमार, एसडीएम तीसा अंकुर ठाकुर, एसी टू डीसी पीपी सिंह, और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।