हिमाचल को उड़ान योजना के तहत 213.52 करोड़ : क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी नई ऊंचाई
हिमाचल प्रदेश को उड़ान योजना के तहत 213.52 करोड़
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि उड़ान योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को हवाई अड्डों के विकास के लिए अब तक 213.52 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसमें से 31 अक्टूबर 2024 तक 160.46 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी।
86 हवाई अड्डे और 609 एयर रूट्स ऑपरेशनल
मंत्री ने बताया कि उड़ान योजना के तहत अब तक 609 क्षेत्रीय कनेक्टिविटी स्कीम एयर रूट्स के माध्यम से 86 हवाई अड्डों को ऑपरेशनल किया गया है। इनमें 13 हेलिपोर्ट्स और दो वाटर एरोड्रोम्स भी शामिल हैं। इस योजना के तहत अब तक 2.86 लाख उड़ानों से 146 लाख घरेलू यात्रियों ने यात्रा की है। हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, और लद्दाख जैसे राज्यों में भी इस योजना के तहत फंड जारी किए गए हैं।
अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन
मोहोल ने बताया कि उड़ान योजना के तहत अन्य राज्यों को भी पर्याप्त धनराशि प्रदान की गई। उदाहरणस्वरूप,
- पंजाब: 143.25 करोड़ (31 अक्टूबर तक 143.22 करोड़ का उपयोग)
- हरियाणा: 60.65 करोड़ (31 अक्टूबर तक 35.65 करोड़ का उपयोग)
- उत्तराखंड: 137.42 करोड़ (31 अक्टूबर तक 76.68 करोड़ का उपयोग)
- लद्दाख: 10.20 करोड़ (31 अक्टूबर तक 0.30 करोड़ का उपयोग)।
उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 1128.32 करोड़ आबंटित किए गए, जिसमें से 1096.29 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
दूसरे चरण में 50 नए एयरपोर्ट का पुनरुत्थान
मंत्री ने बताया कि योजना के दूसरे चरण के तहत 50 नए हवाई अड्डों के पुनरुत्थान के लिए 1000 करोड़ रुपये जारी किए गए। कुल मिलाकर, अब तक 4500 करोड़ रुपये एयरपोर्ट, हेलिपोर्ट, और वाटर एरोड्रोम्स को अपग्रेड करने के लिए जारी किए गए हैं। 31 अक्टूबर 2024 तक इस राशि में से 4135.45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस योजना ने देशभर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त करने में बड़ा योगदान दिया है।
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