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अल्ट्रासाउंड केंद्रों की बढ़ेगी निगरानी, नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Hours Ago • 1 Min Read

कांगड़ा जिले में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। धर्मशाला में आयोजित जिला सलाहकार समिति और जिला उपयुक्त प्राधिकरण की बैठक में केंद्रों की निगरानी बढ़ाने, भ्रूण की लिंग जांच रोकने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी विक्रम कटोच ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है।

धर्मशाला

जिला स्वास्थ्य अधिकारी विक्रम कटोच ने सोमवार को सीएमओ कार्यालय धर्मशाला में गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के तहत गठित जिला सलाहकार समिति और जिला उपयुक्त प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि लिंग अनुपात में सुधार और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में आम लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार, स्वास्थ्य विभाग और कानून के स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ समाज का सहयोग भी जरूरी है।

दूसरी तिमाही में 19 निरीक्षण

बैठक में बताया गया कि 30 सितंबर को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के दौरान जिले में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत 19 निरीक्षण किए गए। इस अवधि में तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई। जनजागरूकता बढ़ाने के लिए 137 सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां आयोजित की गईं। इनके माध्यम से लोगों को भ्रूण की लिंग जांच के दुष्परिणामों, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और समाज में बेटियों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त आवेदनों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अल्ट्रासाउंड केंद्रों से संबंधित अनुमोदन के लिए कुल नौ मामलों पर विचार किया गया, जबकि पांच मामलों को पूर्वव्यापी अनुमोदन प्रदान किया गया। अन्य मामलों में संबंधित संस्थानों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। विक्रम कटोच ने विशेष रूप से राज्य की सीमाओं से सटे क्षेत्रों में संचालित केंद्रों की निगरानी बढ़ाने और प्रत्येक केंद्र में अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सूचना देने वाले नागरिकों के लिए पुरस्कार का प्रावधान

जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई नागरिक उल्लंघन की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देता है तो उसे उचित रूप से पुरस्कृत करने का प्रावधान भी सरकार ने किया है। उन्होंने सभी संबंधित केंद्रों को ‘यहां भ्रूण की लिंग जांच नहीं होती’ वाला सूचना-पट्ट स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए। बैठक में डॉ. अनुपमा, डॉ. स्वाति, डॉ. मनीषा, सुनीता कुमारी, इंदुबाला, कमलेश देवी, नीलम कुमारी और सहायक जिला न्यायवादी गौरव किशन सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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