ऊना में कामगार कल्याण बोर्ड ने श्रमिकों को दी 6.26 करोड़ से अधिक की सहायता, शिक्षा से लेकर आवास योजनाओं का मिला लाभ
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
ऊना जिले में कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 6.26 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। शिक्षा, विवाह, चिकित्सा और आवास योजनाओं के माध्यम से हजारों लाभार्थियों को सीधा लाभ मिला है।
ऊना
श्रमिक पंजीकरण और कुल सहायता वितरण
जिला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने बताया कि ऊना जिले में 31,575 पंजीकृत श्रमिक कामगार कल्याण बोर्ड से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2022 से अब तक कुल 1,166 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 6,26,31,049 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से वितरित की गई है।
शिक्षा सहायता योजना का विस्तृत लाभ
शिक्षा सहायता योजना के तहत 740 लाभार्थियों को कुल 3,37,55,900 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस सहायता से श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है। कई छात्रों ने इस सहायता के माध्यम से अपनी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाई है।
विवाह सहायता योजना का लाभ
विवाह सहायता योजना के तहत श्रमिक परिवारों को कुल 1,75,95,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इस योजना से पात्र परिवारों को विवाह संबंधी खर्चों में राहत मिली है और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिली है।
चिकित्सा, मृत्यु सहायता और आवास योजनाएं
चिकित्सा सहायता योजना के तहत 9 लाभार्थियों को 96,649 रुपये की सहायता दी गई है। वहीं मृत्यु सहायता योजना के तहत 41 परिवारों को कुल 96,20,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे आपात परिस्थितियों में परिवारों को वित्तीय सहारा मिला है। इसके अलावा प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 श्रमिकों को 7,32,500 रुपये की सहायता दी गई है, जिससे उन्हें घर निर्माण में मदद मिली है।
अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ
श्रमिकों को पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। मृत्यु की स्थिति में 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की सहायता, अंतिम संस्कार हेतु 20 हजार रुपये, बेटी जन्म सहायता 51 हजार रुपये, विवाह सहायता 51 हजार रुपये और चिकित्सा सहायता 50 हजार से 5 लाख रुपये तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा छात्रावास सुविधा और अन्य योजनाओं का भी लाभ श्रमिक परिवारों को दिया जा रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता
बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में सभी योजनाओं को पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के तहत लागू किया जा रहा है। सचिव एवं सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल और डिजिटल बनाया गया है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र श्रमिक योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
