समूर कलां और बनगढ़ में मानसिक स्वास्थ्य शिविर, किशोरों व कैदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना ने स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से समूर कलां स्थित ऑब्जर्वेशन होम-कम-प्लेस ऑफ सेफ्टी और बनगढ़ जिला जेल में विशेष शिविर आयोजित किए। कार्यक्रमों में किशोरों और कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बनगढ़ स्थित जिला जेल का दौरा कर कैदियों से संवाद किया। उन्होंने कैदियों के कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और कानूनी सेवाओं तक उनकी पहुंच से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस दौरान कैदियों को मानसिक स्वास्थ्य का महत्व बताया गया और उन्हें अपने भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके बाद शिखा लखनपाल ने समूर कलां स्थित ऑब्जर्वेशन होम-कम-प्लेस ऑफ सेफ्टी का दौरा किया और वहां रह रहे किशोरों से बातचीत की। चर्चा में किशोरों के स्वास्थ्य, भावनात्मक आवश्यकताओं, कल्याण और समग्र विकास से संबंधित विषय शामिल रहे। उन्हें सकारात्मक सोच अपनाने और समस्याओं के समाधान के लिए उचित मार्गदर्शन एवं सहायता प्राप्त करने के महत्व की जानकारी दी गई।
किशोरों की स्वास्थ्य जांच और जरूरतों का आकलन
स्वास्थ्य विभाग, ऊना के चिकित्सा अधिकारी और मनोवैज्ञानिक ने ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे किशोरों की स्वास्थ्य जांच की तथा उनकी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का आकलन किया। बनगढ़ जिला जेल में बंद कैदियों की स्वास्थ्य जांच और मानसिक स्वास्थ्य जरूरतों के आकलन के लिए 11 अक्टूबर को चिकित्सा अधिकारी एवं मनोवैज्ञानिक का दौरा निर्धारित किया गया है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जरूरतमंद लोगों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझना और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं एवं कानूनी सहायता तक पहुंच उपलब्ध करवाने में सहयोग करना है। शिविरों में किशोरों और कैदियों को उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया गया।