ऊना के रोड़ा में प्रदेश के पहले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उपमुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
ऊना के रोड़ा में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के पहले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उद्घाटन किया गया। इस सुविधा के शुरू होने से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी होगी।
ऊना
ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का उद्घाटन
ऊना जिले के हरोली उपमंडल के रोड़ा में प्रदेश के पहले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया। लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तकनीक आधारित परीक्षण प्रणाली लागू
इस ट्रैक को पूरी तरह सेंसर आधारित तकनीक और सीसीटीवी निगरानी से लैस किया गया है, जिससे प्रत्येक गतिविधि की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। छोटे वाहनों के लिए एस, 8 और एच ट्रैक, पैरेलल पार्किंग, जंक्शन ड्राइविंग और ढलान पर वाहन संचालन जैसी विभिन्न टेस्टिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इस प्रणाली से ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और केवल योग्यता के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जाएगा।
डिजिटल प्रक्रिया और शैक्षणिक उपयोग
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से अपनी सुविधा अनुसार ड्राइविंग टेस्ट की तिथि और समय निर्धारित कर सकेंगे। हालांकि पुरानी व्यवस्था भी फिलहाल जारी रहेगी, लेकिन सरकार का लक्ष्य नई प्रणाली को पूरी तरह लागू करना है। इसके साथ ही इस केंद्र को स्कूल स्तर पर ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा की जानकारी देने के लिए शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा।
अन्य विकास कार्य और घोषणाएं
इस अवसर पर रोड़ा में हरोली मैदान को स्थायी मेला स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा की गई। साथ ही हरोली-रामपुर मार्ग को ‘विकास पथ’ के रूप में विकसित करने की योजना भी साझा की गई, जिसमें आधुनिक लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। क्षेत्र में हेलिपोर्ट, सिंथेटिक ट्रैक और बल्क ड्रग पार्क जैसी बड़ी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जो आने वाले समय में स्थानीय विकास को गति देंगी।