ऊना के विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण, पांच का अगले चरण के लिए होगा चयन
ऊना जिले के चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती और कृषि विविधीकरण से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्यूडी और बदोली में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 79 विद्यार्थियों ने भाग लिया। शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को अगले चरण के प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
हिमाचल प्रदेश सरकार और जायका के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत जिले के पांच चयनित विद्यालयों में यह अभियान चलाया जा रहा है। खंड परियोजना प्रबंधक ऊना अश्वनी कुमार ने बताया कि विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, जलवायु अनुकूल कृषि, वर्मी कंपोस्ट, पोषण वाटिका और कृषि क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई। उन्हें वर्मी कंपोस्ट और पोषण वाटिका स्थापित करने की प्रक्रिया से भी अवगत करवाया गया।

ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट कार्यालय ऊना के तत्वावधान में आयोजित परियोजना का संचालन सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप, जगदीशपुर अमेठी की ओर से किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत सात दिवसीय जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती के महत्व और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समझ विकसित करना है।
त्यूडी विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंदर कुमार और बदोली विद्यालय के उपप्रधानाचार्य लक्ष्मण ने विद्यार्थियों से प्राकृतिक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं सीटीईटी अधिकारी सलोनी राणा और कृषि विशेषज्ञ मनीषा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और प्राप्त जानकारी को अपने आसपास के लोगों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया।