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ऊना में स्वां नदी के बढ़े जलस्तर से सब्जियों की फसल प्रभावित, कई खेत जलमग्न, किसानों ने मांगा मुआवजा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

रविवार को हुई लगातार बारिश के बाद ऊना में स्वां नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे उगाई गई सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। कई खेतों में पानी भर गया, अस्थायी झुग्गियों में भी पानी घुस गया और प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।

ऊना

लगातार बारिश के बाद बढ़ा स्वां नदी का जलस्तर

रविवार सुबह हुई लगातार बारिश के बाद जिला ऊना में स्वां नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की फसल प्रभावित हुई। नदी के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर खेतों में पानी भर गया, जबकि नदी किनारे तैयार की गई सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही सब्जियां रखने के लिए बनाई गई अस्थायी झुग्गियों में भी पानी प्रवेश कर गया, जिससे वहां रखा कृषि उपकरण और तैयार सब्जियों का भी नुकसान हुआ।

कई गांवों के खेत जलमग्न, फसल प्रभावित

बारिश के कारण स्वां नदी से सटे क्षेत्रों में कई खेत जलमग्न हो गए। गांव टक्का सहित आसपास के क्षेत्रों में मक्की, धान और अन्य फसलों वाले खेतों में पानी भरने की सूचना है। वहीं हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव बढेड़ा में सब्जियों की खेती भी प्रभावित हुई, जहां खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसल को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा कुछ संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों ने बताया नुकसान का विवरण

स्वां नदी के किनारे खेती करने वाले किसान सलीम मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने लगभग 13 से 14 कनाल भूमि पर घीया, कद्दू, शिमला मिर्च, टमाटर और करेला सहित विभिन्न सब्जियों की खेती की थी। उनके अनुसार इस खेती पर लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत आई थी, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने से अधिकांश फसल प्रभावित हो गई। अन्य किसानों ने भी बताया कि उनकी सब्जियों की फसल और कृषि सामग्री को नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग

प्रभावित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है तो उन्हें आर्थिक राहत मिल सकेगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

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