शारीरिक उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने पर दोषी को 7 साल का कठोर कारावास, जुर्माना भी लगाया

By PARUL Published: 13 Nov 2023, 1:56 PM | Updated: 13 Nov 2023, 1:58 PM 1 min read

HNN/मंडी

जिला मंडी में अतिरिक्त सत्र न्यायालय सुंदरनगर ने पत्नी का शारीरिक उत्पीड़न करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान सीताराम निवासी गांव व डाकघर जड़ोल तहसील सुंदरनगर जिला मंडी के रूप में हुई है।

मामला 10 अगस्त 2014 का है। जब सीमा देवी पत्नी सीताराम को नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में जली हुई अवस्था में लाया गया था। जिसके बाद सुचना मिलने पर पुलिस थाना सुंदरनगर ने कार्यवाही शुरू कर की। पीड़ित महिला सीमा देवी ने पुलिस और डॉक्टर के समक्ष अपना बयान दर्ज करवाया गया। पीड़िता महिला ने कहा था कि पति की मारपीट और गाली गलौज से तंग आकर उसने मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्महत्या करने का मन बना लिया था।

घटना में पीड़िता 85 प्रतिशत जल गई थी, इस कारण गंभीर हालत में उसे नागरिक अस्पताल सुंदरनगर से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। जहां 16 अगस्त 2014 को उसकी मौत हो गई थी। वहीं पुलिस ने आरोपी पति सीताराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए और 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया।

जांच के दौरान पाया गया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी महिला का शारीरिक उत्पीड़न करने की शिकायत थाना में दर्ज थी। जांच पूर्ण होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए और 306 में चालान तैयार कर कोर्ट में पेश किया। अदालत में मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी सुंदरनगर विनय वर्मा ने की।

उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा मामले में न्यायालय के समक्ष 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। जिसके बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पति सीताराम को सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।