हिमाचल में नशे की गहरी जड़ें, युवाओं की सेहत पर खतरा

By NEHA Published: 2 Oct 2024, 10:20 AM | Updated: 2 Oct 2024, 10:20 AM 1 min read

HNN/कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, जिसके कारण युवाओं की सेहत खराब हो रही है। छन्नी बेली, मोहटली, कंदरोड़ी, नूरपुर, रैहन और इंदौरा जैसे सीमांत क्षेत्रों में नशा करने वाले युवाओं को फेफड़ों और सीने से संबंधित समस्याएं हो रही हैं।

पुलिस के अनुसार, 2022 से अब तक इस क्षेत्र में 301 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें 47 महिलाएं भी शामिल हैं। नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस काम कर रही है और लगभग 15.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। लेकिन समाजसेवियों का मानना है कि ऐसे अपराधियों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

नशा करने वाले युवाओं के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। खेलो इंडिया के हेड कोच गोपाल सिंह के अनुसार, 100 में से 20 युवाओं में सीने संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। उनके फेफड़े कमजोर हो जाते हैं और सीना सिकुड़ जाता है। इससे युवाओं की जिंदगी खतरे में पड़ रही है।

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