अनुसूचित जाति गिरीपार अधिकार संरक्षण समिति ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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HNN/ नाहन

अनुसूचित जाति गिरीपार अधिकार संरक्षण समिति सिरमौर के जिला प्रधान अनिल मंगेट ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में समिति के जिला कार्यकारिणी के सदस्य, खंड कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व विधायक हिर्दया राम चौहान भी शामिल थे। समिति ने मुख्यमंत्री से जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को दिए जा रहे जनजातीय दर्जे से होने वाले अनुसूचित जाति के लोगों के नुक्सान पर चर्चा की और अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग की।

बता दे मुख्यमंत्री ने इस बात पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए सहयोग का भरोसा दिया। उसके बाद समिति का प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडील से मिला। समिति ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास योजना के तहत आबंटित बजट को धरातल पर अनुसूचित जाति के विकास में खर्च करने बारे ज्ञापन सौंपा। भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के विकास हेतु बजट आबंटित किया जाता है, परन्तु वास्तविकता में धरातल पर उसका इस्तेमाल अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए न कर अन्य विभागीय कार्यों एवं परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को किसी भी सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन हेतु पात्रता की शर्तों मे इस आय सीमा को बढ़ा कर अधिकतम दो लाख रुपए सालाना किये जाने की माँग की। इसके अलावा हि.प्र.अनु.जा.जन.जा. विकास निगम के द्वारा अनुसूचित जाति के लोगों के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त करने हेतु पात्रता के लिए न्यूनतम आय की सीमा सालाना दो लाख पच्चास हजार रुपए है। इस आय सीमा को ओबीसी की क्रीमी लेयर के तर्ज पर बढ़ाकर 8 लाख रुपए सालाना किया जाए तथा उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली ब्याज मुक्त ऋण की राशि को 75 हजार रुपए से बढ़ा कर 10 लाख रुपए किये जाने की माँग की।

इसके अलावा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए निर्धन पात्र अभ्यर्थियों को अभी मात्र 1.25 लाख की राशि दी जाती है, इसे बढ़ा कर 2.50 लाख किया जाए तथा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 500 लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए बजट प्रावधान का लक्ष्य रखा जाए।