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वैदिक मंत्रों से गूंजेगा कुल्लू, पहली बार होगा क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 18 Feb 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / कुल्लू

आठ राज्यों के विद्वान लेंगे भाग, वेद पाठ और शोभायात्रा मुख्य आकर्षण

कुल्लू की पावन वादियां पहली बार वैदिक मंत्रों के दिव्य उच्चारण से गूंजने जा रही हैं। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन और श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय, रघुनाथपुर, कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में 22 से 24 फरवरी 2025 तक क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे वैदिक विद्वान और विश्वविद्यालयों के कुलपति

श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय, रघुनाथपुर के प्राचार्य बालकृष्ण शर्मा ने जानकारी दी कि यह आयोजन कुल्लू जनपद, हिमाचल प्रदेश में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण वैदिक सम्मेलन में आठ राज्यों से करीब 150 वैदिक विद्वान भाग लेंगे। साथ ही, विभिन्न संस्कृत विश्वविद्यालयों के कुलपति भी इस आयोजन की गरिमा बढ़ाएंगे।

वेद पाठ और वैदिक संस्कृति पर होंगे विशेष सत्र

इस तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान वेद पाठ और वैदिक संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में –

  • वैदिक मंत्रों का उच्चारण
  • वेदों का आधुनिक समाज में महत्व
  • वैदिक संस्कृति और जीवनशैली

जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विद्वान अपने शोध और विचारों को साझा करेंगे, जिससे प्रतिभागियों को वैदिक ज्ञान का लाभ मिलेगा।

शोभायात्रा के साथ होगा सम्मेलन का विशेष समापन

सम्मेलन के अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह शोभायात्रा वैदिक संस्कृति की झलक और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत अनुभव प्रदान करेगी।

वैदिक संस्कृति को जीवंत बनाने की पहल

यह सम्मेलन वैदिक संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को संस्कृत भाषा और वैदिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

प्राचार्य बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा, अध्यात्म और भारतीय परंपराओं को समृद्ध करने की दिशा में एक नई शुरुआत करेगा।

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