Weather / हिमाचल में बर्फबारी और बारिश से तापमान में गिरावट, 16 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम
Himachalnow / शिमला
Weather : हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बादलों के जमाव के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की बर्फबारी और बारिश हुई है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिससे मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है।
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ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, निचले क्षेत्रों में बारिश
हिमाचल की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बादलों के डेरे ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चम्बा के पांगी-भरमौर क्षेत्रों की ऊंची पर्वत शृंखलाओं में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं भुंतर, कल्पा और मनाली में बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे मौसम और ठंडा हो गया है।
तापमान में गिरावट, सामान्य से नीचे पहुंचा पारा
शनिवार को प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के कारण लोगों को ठंड का एहसास हो रहा है, खासकर पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ गई है।
16 अप्रैल से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार 13 से 15 अप्रैल तक मौसम में कुछ राहत रहेगी, लेकिन 16 अप्रैल से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते प्रदेशभर में मौसम का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है और बारिश-बर्फबारी की संभावना फिर बढ़ जाएगी।
अप्रैल में सामान्य से अधिक बारिश
इस वर्ष अप्रैल महीने में प्रदेश में सामान्य से 142 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण मौसम में अस्थिरता बनी हुई है, जिसका असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है।
किसानों और बागवानों की बढ़ी चिंता
बेमौसमी बारिश और बर्फबारी के कारण किसानों और बागवानों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। ओलावृष्टि और अधिक नमी से गेहूं की फसल और सेब के बागानों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे कृषि क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 12 से 15 अप्रैल तक मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि 16 अप्रैल के बाद फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। शिमला सहित कई क्षेत्रों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद दोबारा गिरावट संभव है।