‘ईट राइट मेला’: स्वास्थ्य, पोषण और विकास के नए आयाम
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
रविवार को ऊना में आयोजित ‘ईट राइट मेला’ में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की और पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों के महत्व को उजागर किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायक होगी। उन्होंने जिला प्रशासन से ऊना के हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे आयोजन कराने का सुझाव दिया।
यह मेला जिला प्रशासन ऊना और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को सही आहार और बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। उपमुख्यमंत्री ने सभी स्टॉल का निरीक्षण किया और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखते हुए स्थानीय उत्पादों की सराहना की। मेले में 30 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए।
ऊना जिले में विकास के लिए नई योजनाओं की घोषणा
मेले के दौरान उपमुख्यमंत्री ने ऊना जिले में चल रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिले में 2000 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने ऊना-हरोली पुल को एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने और पुल के दोनों ओर फूड मार्केट स्थापित करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, आलू आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य भवन के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना तैयार है। साथ ही, मंदिर परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ऊना को नशामुक्त और अवैध खनन मुक्त जिला बनाने पर जोर
श्री अग्निहोत्री ने ऊना को नशामुक्त और अवैध खनन मुक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने प्रशासन से मादक पदार्थों और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर प्रयासरत है और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मेले में विधायक सुदर्शन सिंह बबलू और जिला उपायुक्त जतिन लाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मेले की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन ने स्वास्थ्य, जागरूकता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत की।