राज्य के इंडस्ट्रीलिस्ट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों को सुविधाएं प्रदान कर उद्योग हितैषी वातावरण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को दी जाने वाली किसी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न से सख्ती से निपटा जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से हरित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और जल विद्युत ऊर्जा जैसे हरित ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश करें। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती है और हरित पहल ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस दिशा में कई पहल की हैं। राज्य में ई-वाहनों के संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है और सोलन जिला के नालागढ़ में एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर प्रदान करने के लिए बुनियादी अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और इंडस्ट्रीलिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

