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उद्योगों पर मंडराया महंगी बिजली का संकट , उद्यमियों ने जताई चिंता

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Feb 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / काला आम

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने बिजली टैरिफ में वृद्धि को वापस लेने की मांग उठाई

नाहन | हिमाचल प्रदेश में उद्योगों को दी जा रही महंगी बिजली को लेकर कालाअंब चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने गहरी चिंता व्यक्त की है। चैंबर के उपाध्यक्ष दीपांशु गर्ग ने कहा कि हाल के वर्षों में बिजली की लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिससे उद्योगों के संचालन में कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं।

बिजली शुल्क में बढ़ोतरी से उद्योगों पर बढ़ा बोझ

उद्योगपतियों के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा बिजली सब्सिडी वापस लेने, बिजली शुल्क बढ़ाने, दूध सेस और पर्यावरण सेस लागू करने से बिजली की लागत में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी के कारण उद्योगों के लिए उत्पादन लागत भी बढ़ गई है, जिससे वे प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं।

सरकार से टैरिफ वृद्धि वापस लेने की मांग

चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रदेश सरकार से बिजली टैरिफ में वृद्धि को वापस लेने और दूध सेस व पर्यावरण सेस को हटाने की मांग की है। उद्यमियों का मानना है कि इन शुल्कों को हटाने से उद्योगों को राहत मिलेगी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उद्योगों के पलायन का खतरा, युवाओं के रोजगार पर संकट

चैंबर के उपाध्यक्ष दीपांशु गर्ग ने सरकार से अपील की कि वह उद्योगों की समस्याओं को समझे और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं देती, तो प्रदेश में स्थापित उद्योग पलायन करने को मजबूर हो सकते हैं।

उद्योगों में प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है, इसलिए सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए।