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कांग्रेस ने CUET परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल, नगर निगम चुनाव परिणामों को लेकर जताया भरोसा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सीयूईटी परीक्षा में सामने आई तकनीकी समस्याओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं उन्होंने प्रदेश के चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आने का दावा भी किया है।

शिमला

सीयूईटी परीक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा में सामने आई तकनीकी खामियों को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं का सीधा संबंध लाखों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से होता है, इसलिए इनके संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार प्रश्न उठते रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच अनिश्चितता की स्थिति बनती है। उनके अनुसार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की आवश्यकता है ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जताई चिंता

विनय कुमार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में आने वाली समस्याओं का प्रभाव सीधे तौर पर छात्रों और युवाओं पर पड़ता है, जो लंबे समय तक तैयारी करने के बाद इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी खामियां, परीक्षा केंद्रों से जुड़ी समस्याएं या अन्य प्रशासनिक मुद्दे अभ्यर्थियों के लिए चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों और केंद्र सरकार से परीक्षा प्रबंधन प्रणाली की समीक्षा करने तथा ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने का आग्रह किया जिससे भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक महत्व का विषय मानती है और इन मामलों को लगातार उठाती रहेगी।

नगर निगम चुनाव परिणामों को लेकर जताया विश्वास

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी नगर निगम चुनाव परिणामों को लेकर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि हाल ही में हुए नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में समर्थन मिला है। इसी आधार पर पार्टी को मंडी, धर्मशाला, पालमपुर और सोलन नगर निगम चुनावों में भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दे रहा है। उनके अनुसार चुनाव परिणाम जनता के निर्णय पर आधारित होते हैं और पार्टी को अपने संगठनात्मक कार्यों के आधार पर बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा है।

प्रदेश सरकार की नीतियों का किया उल्लेख

विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में जनकल्याण और विकास से संबंधित योजनाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी का ध्यान सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों पर केंद्रित है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए कहा कि पार्टी जनता से जुड़े विषयों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के हितों से जुड़े मामलों पर कांग्रेस लगातार अपनी बात रखती रही है और आगे भी रखेगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई

प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या प्रशासनिक कमी सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा परीक्षा प्रणाली में विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

विनोद जिंटा ने सीयूईटी परीक्षा में तकनीकी खामियों से संबंधित रिपोर्टों का हवाला देते हुए परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं और ऐसे में परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का मजबूत होना आवश्यक है। उनके अनुसार परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता, समयबद्ध संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों दोनों के हित में है।

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