Loading...

ऊना के ब्रोता गांव में सड़क न बनने पर ग्रामीणों का विरोध, “रास्ता नहीं तो वोट नहीं” ऐलान

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 3 Hours Ago • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

ऊना जिले के ब्रोता गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। वर्षों से सड़क न बनने से परेशान लोगों ने अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दे दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे मतदान नहीं करेंगे।

ऊना/अंब

78 साल बाद भी नहीं बनी सड़क

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उप-गांव ब्रोता के वार्ड नंबर-5 में आजादी के 78 साल बाद भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है। गांव तक जाने वाला रास्ता अब भी कच्चा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दैनिक जीवन बना चुनौती

ग्रामीणों के अनुसार सड़क न होने के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाना, बच्चों को स्कूल भेजना और जरूरी सामान लाना बेहद कठिन हो गया है। बरसात के मौसम में कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ में बदल जाता है, जिससे हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

आश्वासन मिले, समाधान नहीं

स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

लगातार अनदेखी से आहत ग्रामीणों ने अब सख्त रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि जब तक गांव में पक्की सड़क का निर्माण नहीं होगा, वे आगामी चुनावों में वोट नहीं डालेंगे। उनका कहना है कि विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

प्रशासन पर टिकी नजर

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। गांववासियों को उम्मीद है कि इस बार उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।