ऊना / जिले में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना से दो वर्षों में बने 174 मकान , 2.61 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता से गरीबों को मिला नया जीवन
सरकार की मदद से पक्के मकान का सपना पूरा होने पर लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का जताया आभार
ऊना / वीरेंद्र बन्याल
गरीबों के सपनों को साकार कर रही है सरकार
हिमाचल प्रदेश सरकार गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को पक्के मकान का सपना साकार करने के लिए स्वर्ण जयंती आश्रय योजना चला रही है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र लाभार्थियों को 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
ऊना जिले में अब तक 2.61 करोड़ की सहायता
जिला कल्याण अधिकारी ऊना अनीता शर्मा ने बताया कि पिछले दो वर्षों में ऊना जिले में इस योजना के तहत 174 मकानों के निर्माण के लिए लगभग 2.61 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इससे कई गरीब और जरूरतमंद परिवारों का पक्का मकान बनाने का सपना पूरा हुआ है।
लाभार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं
सरकारी मदद से पक्का मकान बनने पर सुनेहरा गांव के मलकीत कुमार, गुरबचनी, नंगल सलांगड़ी के कश्मीर सिंह, रायपुर सहोड़ा के कृष्ण गोपाल और तरसेम लाल, सुनेहरा की गरमीतो देवी, बहडाला के हरबंस सिंह, बरनोह के अशोक कुमार, जखेड़ा की ईना देवी, झंबर की रोशनी देवी और मैहतपुर की लक्ष्मी देवी सहित अनेक लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया।
किस तरह मिलती है योजना का लाभ
इस योजना के तहत उन्हीं लोगों को लाभ दिया जाता है जिनके नाम पर जमीन है और वे अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। पात्र व्यक्ति आवेदन के माध्यम से इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
उपायुक्त ऊना की प्रतिक्रिया
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि जिले में कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रह जाए, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।