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ऊना में अवैध खनन पर शिकंजा, बिना पंजीकरण और जीपीएस ट्रैकिंग नहीं चलेगी मशीनरी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 14 Mar 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

खनन गतिविधियों पर प्रशासन ने कसी नकेल , उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

ऊना जिले में अवैध खनन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला दंडाधिकारी उपायुक्त जतिन लाल ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के कोई भी खनन मशीनरी संचालित नहीं हो सकेगी

खनन मशीनरी का अनिवार्य पंजीकरण

प्रशासन के आदेश के अनुसार, जिले में कार्यरत सभी जेसीबी, एक्सकेवेटर और टिपर का सात दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जो मशीनें निर्धारित समय के भीतर पंजीकृत नहीं होंगी, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जीपीएस डिवाइस की अनिवार्यता

खनन गतिविधियों की सटीक निगरानी के लिए प्रशासन ने सभी खनन मशीनों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य किया है। साथ ही, इसे संबंधित पंजीकरण अधिकारियों से लिंक कराना आवश्यक होगा। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि खनन केवल स्वीकृत क्षेत्रों में ही हो और अवैध खनन गतिविधियों को रोका जा सके

आदेश के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

उपायुक्त ने साफ किया कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। जो मशीनें बिना पंजीकरण और जीपीएस डिवाइस के संचालित होंगी, उनका वाहन पंजीकरण निलंबित किया जाएगा और उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और खनिज एवं खदान (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी

खनन गतिविधियों की प्रभावी निगरानी के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मित्र पोर्टल (https://vltd-hp-gov-in) से जुड़ने और सात दिनों के भीतर लॉगिन आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जो अधिकारी आदेश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन सख्त

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, जिसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने जरूरी हैं। प्रशासन इन आदेशों को सख्ती से लागू करेगा और जिले में जिम्मेदार खनन प्रथाओं को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी

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