ऊना जिला प्रशासन ने बाजारों में व्यावसायिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए कड़े आदेश जारी किए हैं। बाहरी दुकानदारों को अब बिना अनुमति दुकान किराये पर लेने या अस्थायी ढांचा बनाने की अनुमति नहीं होगी।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
भीड़, अतिक्रमण और अस्थायी दुकानों पर प्रशासन का बड़ा फैसला
जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने ऊना जिले में तेजी से बढ़ रही व्यावसायिक गतिविधियों, त्योहार व कारोबारी सीजन में भीड़, अवैध अस्थायी दुकानों और यातायात अवरोधों को देखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने साफ कहा कि व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाजारों में पूर्ण अनुशासन सुनिश्चित किया जाएगा।
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बाहरी दुकानदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य, बिना अनुमति किराये पर दुकान नहीं
आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि अन्य जिलों व राज्यों से आकर ऊना में दुकानें किराए पर लेने वाले सभी दुकानदारों का स्थानीय पुलिस द्वारा पूर्ण सत्यापन किया जाएगा। किसी भी बाहरी दुकानदार को एसडीएम की पूर्व लिखित अनुमति के बिना दुकान किराये पर लेने या व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने की इजाजत नहीं होगी। अनुमति केवल पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही दी जाएगी।
सभी अवैध अस्थायी शेड व ढांचे तुरंत हटाने के निर्देश
डीसी ने बताया कि बाजारों में अवैध तरीके से लगाए गए अस्थायी शेड, टेंट, छाजन या अस्थायी ढांचों को तुरंत प्रभाव से हटाया जाएगा। ऐसे ढांचे भीड़भाड़ बढ़ाने के साथ यातायात अवरोध और सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण से जुड़ी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
आदेश तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
उपायुक्त ने चेतावनी दी कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और अगले निर्देशों तक प्रभावी रहेंगे।
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