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ऊना में सुरक्षित निर्माण अभ्यास पर कार्यशाला का आयोजन , भूकंप सुरक्षा को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 6 Apr 2025 • 1 Min Read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

भवन निर्माण में गुणवत्ता और भूकंपरोधी मानकों के पालन पर दिया गया विशेष जोर

डीआरडीए हॉल में आयोजित हुई विशेष कार्यशाला
शनिवार को डीआरडीए हॉल ऊना में सुरक्षित निर्माण अभ्यास विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उपायुक्त जतिन लाल के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन ऊना और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया।

60 से अधिक तकनीकी कर्मियों ने लिया भाग
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रशिक्षण समन्वयक राजन कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के 60 से अधिक अभियंताओं, कर्मचारियों, ठेकेदारों, आर्किटेक्ट्स और निर्माण कार्यों से जुड़े अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करना और भूकंप जैसे आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत बनाना था।

सुरक्षित निर्माण से रोकी जा सकती है जानमाल की हानि
पहले सत्र में एनआईटी हमीरपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हेमंत कुमार विनायक ने कांगड़ा में 1905 में आए विनाशकारी भूकंप के उदाहरण से बताया कि भूकंप स्वयं जानलेवा नहीं होते, बल्कि असुरक्षित निर्माण जानलेवा बनते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय भवन कोड-2016 के तहत भवनों के भूकंपरोधी निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया और म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के हालिया भूकंप का उदाहरण देते हुए बताया कि सही निर्माण तकनीक से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

दूसरे सत्र में दिया गया आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
कार्यशाला के दूसरे सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल कांगड़ा के मुख्य आरक्षी अजय ने आपदा के बाद खोज व बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और प्रतिक्रिया व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा की सटीक निगरानी बेहद आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक न हो।

सामुदायिक सहभागिता को बताया अहम
राजन शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को जागरूक करते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी आपदा के समय सही प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करते हैं।

कार्यशाला में रही विशेषज्ञों की मौजूदगी
इस अवसर पर जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ऊना के प्रभारी धीरज कुमार, जिला अंतर एजेंसी समूह कांगड़ा के कन्वीनर डॉ. हरजीत भुल्लर, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।