एचपीयू शिमला : पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षाएं अब साल में दो बार, शोधार्थियों को बड़ी राहत
Himachalnow / शिमला
एचपीयू शिमला : पीएचडी शोधार्थियों के लिए बड़ी राहत, साल में दो बार होंगी कोर्स वर्क परीक्षाएं
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने पीएचडी शोधार्थियों की समस्याओं को दूर करने के लिए अहम फैसला लिया है। अब पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी, जिससे छात्रों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ये परीक्षाएं जून और दिसंबर में आयोजित होंगी। अभी तक यह परीक्षाएं केवल मार्च और अप्रैल में होती थीं।
साल में दो बार पीएचडी प्रवेश और अब नई व्यवस्था
एचपीयू हर साल दो बार पीएचडी में प्रवेश देता है। इसमें एक प्रक्रिया प्रवेश परीक्षा के आधार पर होती है, जबकि राष्ट्रीय स्तर की स्कॉलरशिप (जेआरएफ आदि) पास उम्मीदवारों के लिए सीधे प्रवेश की व्यवस्था है। एक बार में लगभग 200 से 250 छात्र पीएचडी के विभिन्न विभागों में दाखिला लेते हैं। अब कोर्स वर्क की परीक्षाओं को भी साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे शोध कार्य में तेजी आएगी और समय पर शोध पूरा हो सकेगा।
24 दिसंबर से शुरू होंगी परीक्षाएं
एचपीयू ने इस नई व्यवस्था को तुरंत लागू करते हुए दिसंबर 2024 से ही कोर्स वर्क की परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है। परीक्षा नियंत्रक ने सभी पीएचडी कोर्स वर्क की दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। ये शेड्यूल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
एचपीयू बिजनेस स्कूल बनेगा परीक्षा केंद्र
विज्ञान विषयों की ये परीक्षाएं 24 दिसंबर से शुरू होंगी। इसके लिए एचपीयू बिजनेस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। विस्तृत कार्यक्रम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इस नई पहल से शोधार्थियों को समय पर परीक्षा देकर अपने शोध कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी।