पिछले हफ्ते जारी हुई एनसीईआरटी की कक्षा 12वीं की राजनीति विज्ञान की अपडेटेड किताब में बाबरी मस्जिद का नाम हटा दिया गया है और इसे तीन गुंबद वाली संरचना बताया गया है। संशोधित पाठ्यपुस्तक अयोध्या के इतिहास का एक नया संस्करण भी है।
बता दें बदले सिलेबस में अयोध्या खंड को चार से घटाकर दो पृष्ठ कर दिया गया है और मस्जिद के विध्वंस के कई संदर्भ हटा दिए गए हैं। अयोध्या प्रकरण के जो महत्वपूर्ण विवरण जो हटाए गए हैं, उनमें राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्थकों को जुटाने के लिए लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व वाली भाजपा की रथ यात्रा, बाबरी मस्जिद को गिराने में कार सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका, 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद के विध्वंस के बाद हुए सांप्रदायिक दंगे, भाजपा शासित राज्यों में राष्ट्रपति शासन और अयोध्या में हुई घटनाओं पर भाजपा का खेद शामिल है।
यह पहली बार है कि अयोध्या राम जन्मभूमि का संदर्भ लाया गया है क्योंकि ‘भगवान राम’ को बदलकर ‘श्री राम’ कर दिया गया है। गौर हो कि यह 2014 के बाद से एनसीईआरटी पुस्तक का चौथा संशोधन है, जो नवीनतम राजनीतिक विकास के आधार पर अपडेट को दर्शाता है। नई किताब 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य शैक्षिक सामग्री को समकालीन राजनीतिक घटनाओं के साथ जोड़ना है।
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