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एयरपोर्ट बनने से उजड़ जाएगा गगल बाजार, 702 दुकानें होंगी धड़ाम

Ankita • 21 Aug 2024 • 1 Min Read

विस्थापितों के लिए कॉमर्शियल कांप्लेक्स बनाने का प्लान

HNN/ कांगड़ा

प्रदेश के पर्यटन की दृष्टि से सबसे बड़े प्रोजेक्ट कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आने से गगल बाजार पूरी तरह से उजड़ जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और सरकार कारोबारियों को बसाने के लिए कॉमर्शियल कैंपस का निर्माण करे, तो व्यापारी वर्ग भी बस जाएगा और लोग बेरोजगार भी नहीं होंगे।

हालांकि यहां से विस्थापित होने वाले कारोबारियों के लिए कॉम्प्लेक्स बनाने का भी प्लान है, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है कि इसे कहां पर बनाया जाए। इससे गगल बाजार से उजड़ने वाले दुकानदारों में भी परेशानी का आलम बना हुआ है। जानकारों का कहना है कि यहां से उजड़ने वाले कारोबारियों के लिए एक कॉमर्शियल कैंपस का निर्माण किया जाना आवश्यक है।

यहां पर अनेक ऐसे कारोबारी हैं, जो पहले भी विस्थापन के बाद गगल में सेटल हुए हैं। गगल बाजार नेशनल हाई-वे पर स्थित है। लिहाजा कॉमर्शियल कैंपस का निर्माण भी हाईवे पर होना चाहिए। नियमानुसार प्रभावित क्षेत्र के पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर ही बनाया जाना चाहिए। इसके लिए प्रशासन के पास तीन बेस्ट ऑप्शन है।

पहली बेहतर साइट की बात की जाए तो गगल एयरपोर्ट से पठानकोट की तरफ को बनोई में कॉर्मिशयल कैंपस बनाया जा सकता है। दूसरा विकल्प धर्मशाला की तरफ चैतडू के आसपास हो सकता है तीसरा और अच्छा विकल्प है शिमला-मटौर व मंडी-पठानकोट फोरलेन जंकशन के आसपास मौजूद है।


रोजगार के रास्ते बंंद……
एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में करीब 702 से ज्यादा दुकानें और व्यापारिक संस्थान आएंगे। कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार होने से इस क्षेत्र खास कर गगल बाजार का नामोनिशान मिट जाएगा। गगल एक व्यापारिक कस्बा है। यह बाजार आसपास के कई क्षेत्रों का भी मुख्य बाजार है। एक मोटे अनुमान के अनुसार 702 दुकानें उजड़ने से इतने ही परिवारों का रोजगार तो जाएगा ही, साथ यहां काम करने वालों के लिए रोजगार के रास्ते बंद हो जाएंगे।


बाजार उजड़ने से सैकड़ों परिवारों पर संकट
गगल बाजार में बड़े-बड़े शोरूम से लेकर ऑटो सेक्टर के शोरूम सहित नामी गैराज हैं, जहां पर चार से पांच हजार लोग रोजगार पाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।

इसलिए इन लोगों को फिर से बसाने के लिए री-सेटलमेंटल पॉलिसी के तहत मुआवजा दिया जाएगा या दुकान के बदले दुकानें देने का भी प्रावधान है, लेकिन दुकानदारों को एक ऐसा स्थान चाहिए जहां पर वे सभी एक साथ नई जगह पर काम शुरू कर सकें।

एनएच पर ही कॉम्प्लेक्स बनाने की एकजुट मांग

व्यापार मंडल गगल के अध्यक्ष देवेंद्र कोहली का कहना है कि प्रदेश सरकार को बसे बसाए गगल बाजार को उजाड़ना नहीं चाहिए। इसके अलावा अगर एयरपोर्ट विस्तार करना बहुत ही जरूरी है, तो गगल बाजार के कारोबारियों के लिए एनएच पर ही गगल के आसपास कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाना चाहिए। हालांकि वहां भी दुकानदार पहले जैसा कारोबार तो नहीं चला पाएंगे, लेकिन कुछ हद तक संभल पाएंगे।