HNN/ कुल्लू
हिमाचल प्रदेश की विलुप्त हो रही लिपियों में से एक टांकरी लिपि के संरक्षण के प्रयास हेतु 26 नवम्बर से टांकरी लिपि की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को टांकरी लिपि पढ़ना और लिखना सिखाया जाएगा। इस कार्यशाला में टांकरी और पहाड़ी लिपियों के इतिहास से सम्बंधित जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी। कार्यशाला 26 नवम्बर से 30 नवम्बर तक चलेगी, जिसमे गूगल मीट के माध्यम से कक्षाएं लगाई जाएंगी।
इस कार्यशाला का आयोजन टांकरी प्रशिक्षक यतिन पंडित द्वारा निजी रूप से किया जा रहा है। यतिन ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन वे टांकरी लिपि के विद्वान स्व. ख़ूबराम खुशदिल जी पुण्यतिथि पर कर रहे हैं जो 26 नवम्बर को है और कार्यशाला उनकी पुण्य स्मृति को समर्पित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला पूर्ण रूप से उनका निजी प्रयास है और इस कार्यशाला का किसी से कोई शुल्क नही लिया जाएगा।
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पहाड़ी लिपियों के संरक्षण के लिए यतिन इस प्रकार के प्रयास समय-समय पर करते रहते हैं। जिसमे कार्यशालाओं के माध्यम से वे टांकरी और अन्य पहाड़ी लिपियों का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि लिपि का संरक्षण तभी सम्भव है अगर अधिक से अधिक भाषा एवं संस्कृति प्रेमी जुड़ें और अपनी लिपि सीखकर उसके संरक्षण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। कार्यशाला में जुड़ने के लिए 9805766799 व्हाट्सएप नम्बर पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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