कांगड़ा: हरीश राणा की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित, पैतृक गांव पलेटा में होंगे तेरहवीं सहित सभी संस्कार
Himachalnow / कांगड़ा
इच्छामृत्यु के उपरांत हरीश राणा की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में विधिवत रूप से विसर्जित कर दी गईं, जहां परिवार ने निर्धारित धार्मिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद परिवार ने आगे की रस्मों को लेकर अपनी योजना स्पष्ट करते हुए पैतृक स्थान लौटने का निर्णय लिया।
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हरिद्वार में किया गया अस्थि विसर्जन
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा की अस्थियां वीरवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की गईं। अस्थि संग्रह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार हरिद्वार पहुंचा, जहां परंपरागत विधि के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। विसर्जन के दौरान निर्धारित धार्मिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया और इसके बाद आगे की योजनाओं के अनुसार परिवार ने अपने पैतृक गांव लौटने की तैयारी शुरू की, जिससे शेष सभी कार्यक्रम तय समयानुसार संपन्न किए जा सकें।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
अस्थि विसर्जन से पूर्व राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसायटी में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें सोसायटी के निवासियों और परिचितों ने भाग लिया। इस दौरान सभा निर्धारित समय पर आयोजित की गई और सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल हुए और कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने हरीश राणा को अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
पैतृक गांव पलेटा के लिए रवाना हुआ परिवार
अस्थि विसर्जन के उपरांत परिवार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित अपने पैतृक गांव पलेटा के लिए रवाना हो गया। परिवार के सदस्यों द्वारा बताया गया कि गांव में पहले से ही आगामी धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं और सभी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाई गई है, ताकि समय पर सभी अनुष्ठान संपन्न किए जा सकें।
तेरहवीं सहित अन्य संस्कार होंगे आयोजित
परिवार के अनुसार पलेटा गांव में तेरहवीं सहित अन्य सभी धार्मिक संस्कार आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए तिथियां और प्रक्रिया पहले ही तय कर दी गई हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर लोगों की उपस्थिति भी रहने की संभावना है और सभी आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से पूरी हो सके।
निर्धारित कार्यक्रम के बाद वापसी की योजना
परिवार ने जानकारी दी है कि सभी धार्मिक विधियां पूरी होने के बाद ही वे वापस लौटेंगे। इस दौरान कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और सभी प्रक्रियाओं को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और सभी कार्य समयानुसार संपन्न हो सकें।