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कालाअंब में हिम सेफ्टी ग्लास इंडस्ट्री का बॉयलर फटा, बड़ा हादसा टला

Shailesh Saini • 29 Mar 2026 • 1 Min Read

हिमाचल नाऊ न्यूज़कालाअंब :

जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में रविवार सुबह एक बड़ा औद्योगिक हादसा होते-होते टल गया। औद्योगिक क्षेत्र स्थित हिम सेफ्टी ग्लास इंडस्ट्री में तकनीकी खराबी के चलते बॉयलर फटने की घटना सामने आई। राहत की बात यह रही कि फैक्ट्री में मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित रहे और किसी भी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है।

हालांकि घटना में कुछ कर्मचारियों को हल्की-फुल्की खरोंचें आई हैं, जबकि प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हादसे से फैक्ट्री को करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान भी जताया जा रहा है।मौके से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार सुबह करीब 7:30 बजे के आसपास हुआ।

उस समय फैक्ट्री में सुबह की शिफ्ट के दौरान नियमित रूप से शीशा निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी बीच अचानक तकनीकी खराबी के कारण फैक्ट्री का बॉयलर फट गया, जिससे यूनिट के भीतर तेज धमाके जैसी स्थिति बनी और उससे जुड़ा ऊपरी धातु आवरण अलग होकर दूर जा गिरा। घटना के बाद कुछ देर के लिए फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

राहत की बात यह रही कि हादसे के समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों से लैस थे, जिसके चलते एक संभावित बड़ा मानवीय हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कुछ कर्मचारियों को मामूली खरोंचें आईं, जिनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार करवा दिया गया। किसी भी कर्मचारी को गंभीर चोट लगने की सूचना नहीं है।

घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन और स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और आवश्यक एहतियाती कदम उठाए। इसके साथ ही संबंधित विभागों और पुलिस को भी घटना की जानकारी दे दी गई। फिलहाल प्रारंभिक स्तर पर पूरे मामले को तकनीकी खराबी से जोड़कर देखा जा रहा है और फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा आंतरिक स्तर पर तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है।

फैक्ट्री के सीएमडी उपेंद्र दहिया ने बताया कि घटना के दौरान मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि तकनीकी कारणों से यह स्थिति बनी, लेकिन फैक्ट्री में लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल और एहतियाती व्यवस्थाओं के चलते बड़ा नुकसान टल गया।

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कर्मचारियों को हल्की-फुल्की खरोंचें आई थीं, जिनकी फर्स्ट एड करवा दी गई है और सभी की स्थिति सामान्य है।फिलहाल सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि हादसे के बावजूद कोई बड़ा मानवीय नुकसान नहीं हुआ।

वहीं, इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और तकनीकी सतर्कता की अहमियत को सामने ला दिया है।

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