Loading...

कोरोना काल में संक्रमण दूर करने वाली सेनिटाइजर मशीनें अब अनदेखी का शिकार

PARUL • 16 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/काँगड़ा

कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण को रोकने के लिए सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों में लगाई गई सेनिटाइजर स्प्रे मशीनें अब अनदेखी का शिकार हो गई हैं। ये मशीनें अब बिना इस्तेमाल के दीवारों पर धूल फांक रही हैं या खराब हो गई हैं।

कोरोना काल में लाखों रुपये खर्च कर या संस्थाओं ने दान की थी ये मशीनें, लेकिन अब ये मशीनें पैसे की बर्बादी साबित हो रही हैं। दफ्तरों में हर किसी अधिकारी की नजर दीवारों पर टंगी इन मशीनों पर तो जाती है, लेकिन उन्हें चलाने या उनमें सेनिटाइजर डालने की कोई जहमत नहीं उठा रहा है।

अगर इन मशीनों को दोबारा चलाया जाए तो उन्हें इस्तेमाल में लाया जा सकता है, जिससे की लाखों रुपयों की बर्बादी से बचा जा सके। कोरोना के दौरान सभी लोगों को सेनिटाइजर के इस्तेमाल और पर्सनल हाईजीन के बारे में सही से पता चला था। इसके बाद से लोगों ने अपने पास छोटे-छोटे सेनिटाइजर रखना शुरू कर दिए थे, लेकिन कई बार हाथ धोने के लिए पानी न होने पर मशीनों से सेनिटाइजर लिया जा सकता है, लेकिन मशीनें खराब होने के कारण यह नहीं हो पा रहा है।

एक अधिकारी का कहना है कि अगर किसी भी सरकारी कार्यालय या अस्पताल में सेनिटाइजर स्प्रे मशीनें खराब हैं तो उन्हें विभाग के अधिकारियों को ठीक करवाना चाहिए, ताकि वे लोगों के काम आ सके। कोरोना संक्रमण खत्म हो गया है पर फिर भी पर्सनल हाइजीन बेहद जरूरी है। सेनिटाइजर कई अन्य प्रकार के कीटाणुओं को भी खत्म करता है, इसलिए बंद पड़ी मशीनों को ठीक करवाया जाएगा।