नई दिल्ली
भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। नागास्त्र, स्कैल्प मिसाइल और हैमर बॉम्ब जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल से आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। लेकिन यह तो सिर्फ ट्रेलर है। सेना के पास अभी ऐसे और भी घातक हथियार मौजूद हैं, जिनका उपयोग नहीं किया गया है।
भारत के खतरनाक हथियार
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- अग्नि मिसाइल: 5000 किमी तक मारक क्षमता, विभिन्न वर्जन, लागत लगभग 50 करोड़ रुपये।
- ब्रह्मोस: 450-800 किमी रेंज, जमीन, हवा और समुद्र से दागने में सक्षम, कीमत 15-30 करोड़ रुपये।
- पृथ्वी: 2000 किमी रेंज, न्यूक्लियर बैलेस्टिक मिसाइल, कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये।
- शौर्य: हाइपरसोनिक मिसाइल, 700-800 किमी रेंज, परमाणु हमला करने में सक्षम।
- प्रहार: 150 किमी रेंज, एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम।
- आकाश: 80 किमी रेंज, हवा में दुश्मन के जेट को ध्वस्त करने वाला हथियार।
- धनुष: जल और जमीन पर मारक क्षमता, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम।
- निर्भय: 1500 किमी रेंज, रडार की पकड़ से बाहर, क्रूज मिसाइल।
- सागरिका: 750 किमी रेंज, स्वचालित नेविगेशन सिस्टम से लैस।
- अमोघ: 2500 मीटर रेंज, अंधेरे में भी दुश्मन के टैंक की पहचान।
अग्नि सीरीज के घातक हथियार
- अग्नि-2: 3000 किमी तक मारक क्षमता।
- अग्नि-3: 3500 किमी तक की दूरी तक निशाना।
- अग्नि-5: 5000 किमी रेंज, कई हथियार एक साथ ले जाने में सक्षम।
सेना की तैयारियां और चेतावनी
भारतीय सेना की यह सामरिक शक्ति देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है। वर्तमान परिस्थितियों में पाकिस्तान को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि भारतीय सेना के पास ऐसे हथियार हैं जो किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
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