पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत के मामले में मिली थी सजा; अपील के निपटारे तक सस्पेंड रहेगी सजा
चंडीगढ़:
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व आईजी जहूर जैदी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कोटखाई पुलिस थाने में आरोपी की हिरासत में हुई मौत (कस्टोडियल डेथ) के मामले में जैदी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है।
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हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक सजा सस्पेंड रहेगी।
सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद
इसी साल जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने जहूर जैदी समेत 7 अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जैदी ने इस फैसले को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2017 के बहुचर्चित गुड़िया रेप और कत्ल कांड से जुड़ा है। उस दौरान पुलिस ने सूरज नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसकी कोटखाई पुलिस थाने में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप था कि पुलिस टॉर्चर के कारण सूरज ने दम तोड़ा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस संवेदनशील मामले की सुनवाई शिमला से चंडीगढ़ की सीबीआई अदालत में ट्रांसफर की गई थी।
हाई कोर्ट का फैसला
जहूर जैदी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि जब तक इस मुख्य याचिका का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक सजा के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी। इस फैसले के बाद पूर्व आईजी के पक्ष में एक बड़ी कानूनी जीत देखी जा रही है, हालांकि मामले की अंतिम सुनवाई अभी जारी रहेगी।
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