गैर कृषक एकता मंच ने प्रदेश सरकार से की धारा 118 में छूट की मांग
धौलाकुआं में विधायक अजय सोलंकी से मिला प्रतिनिधिमंडल
HNN/ नाहन
हिमाचल प्रदेश गैर कृषक एकता मंच जिला सिरमौर इकाई ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि जो गैर कृषक हिमाचली टेंडेंसी व लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 की धारा 118 के लागू होने से पहले हिमाचल में रह रहे हैं तथा अभी भी हिमाचल में खेती-बाड़ी कर रहे हैं उन्हें इस एक्ट के दायरे से बाहर रखा जाए।
गैर कृषक एकता मंच सिरमौर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल इस सिलसिले में जिला सिरमौर के धौला कुआं में नाहन के विधायक अजय सोलंकी से किसान मेले के दौरान मिला। इस दौरान एसोसिएशन के प्रधान शमशेर सिंह सैनी एसोसिएशन के अन्य सदस्यों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
जिसमें मांग की गई कि हिमाचल प्रदेश लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 की धारा 118 के लागू होने से पूर्व प्रदेश के उन किसानों जिनके पास कृषि योग्य भूमि नही थी तथा वह कृषक की श्रेणी में नही थे। उन्हें हिमाचली के तौर पर वर्गीकृत किया गया था उन किसानों को इस एक्ट के दायरे से बाहर रखा जाए।
नाहन के विधायक अजय सोलंकी को सोमवार को धौलाकुआं में आयोजित किसान मेले के दौरान गैर कृषक एकता मंच जिला सिरमौर इकाई के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौपा।
गैर कृषक एकता मंच को जिला सिरमौर इकाई के प्रधान, शमशेर सिंह सैनी व सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से मांग की कि हिमाचल प्रदेश लैंड रिफार्म एक्ट 1972 की धारा 118 के लागू होने व नियमानुसार गैर हिमाचली प्रदेश के उन बाशिंदों जिनको गैर कृषक हिमाचली के तौर पर वर्गीकृत किया गया था उन्हें इस एक्ट से छूट दिए जाने की मांग प्रदेश सरकार से की गई।
शमशेर सिंह सैनी ने कहा कि गैर कृषक एकता मंच सरकार के किसी भी निर्णय के विरुद्ध नही है। संघ की मांग है कि जो गैर कृषक हिमाचली हिमाचल प्रदेश टेंडेंसी व लैंड रिफार्म एक्ट 1972 की धारा 118 के लागू होने से पहले से हिमाचल में रह रहे हैं और अभी भी रह रहे हैं। उन्हें उपरोक्त एक्ट व धारा के दायरे से बाहर रखा जाए।
विधायक अजय सोलंकी ने मंच के पदाधिकारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह सरकार के समक्ष उनकी मांगों को रखेंगें व इस मामले को स्वयं मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। इस दौरान गैर कृषक मंच के प्रधान शमशेर सिंह सैनी के साथ मंच के सदस्य विनोद कुमार, विकास वर्मा, सुखदेव सिंह, शेर सिंह व पप्पू इत्यादि शामिल रहे।
