गैस सिलेंडर को लेकर अफवाहों से बचें, ऊना में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता : डीसी जतिन लाल
जिला ऊना में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आपूर्ति दी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गैस की कमी से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और नियमों के अनुसार ही बुकिंग करवाएं।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने स्पष्ट किया है कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुसार नियमित रूप से गैस उपलब्ध करवाई जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।
12 गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
उपायुक्त ने बताया कि जिले में कार्यरत सभी 12 गैस एजेंसियों के पास घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर कुछ भ्रामक सूचनाएं फैल रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
अनावश्यक जल्दबाजी में बुकिंग न करने की अपील
जतिन लाल ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे गैस की कथित कमी की अफवाहों पर विश्वास न करें और जल्दबाजी में बार-बार सिलेंडर बुकिंग कराने से बचें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 दिनों के अंतराल के बाद ही गैस सिलेंडर की बुकिंग की जानी चाहिए, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें बुकिंग
उपायुक्त ने यह भी कहा कि गैस सिलेंडरों की बुकिंग केवल अधिकृत माध्यमों से ही की जाए। उन्होंने लोगों को चेताया कि किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बुकिंग न करें, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी या असुविधा से बचा जा सके।
चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों को व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि आवश्यक सेवाएं किसी भी स्थिति में प्रभावित न हों और संस्थागत कार्य सामान्य रूप से चलते रहें।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्थान घरेलू गैस सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभागीय टीमों का गठन भी किया गया है, जो स्थिति की निगरानी कर रही हैं।